ईरान के सरकारी मीडिया ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की ओर से कई दावे किये गये. अमेरिका ने इनमें से तीन प्रमुख दावों को पूरी तरह गलत बताया है.
U.S. Central Command @CENTCOM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावे पर रिएक्शन दिया. अमेरिकी पक्ष का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट, अमेरिकी लड़ाकू विमानों और तेल टैंकर से जुड़े दावों में कोई सच्चाई नहीं है. इसके साथ ही अमेरिका ने इन सभी दावों का फैक्ट चेक जारी कर अपना पक्ष भी सामने रखा है.
दावा 1: ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का कहना है कि होर्मुज से गुजरने वाले कारोबारी जहाजों के लिए रास्ता अब सुरक्षित नहीं है.
फैक्ट चेक: अमेरिका का कहना है कि जहाजों के लिए सबसे बड़ा खतरा IRGC की धमकियां और उसके हमले की कोशिशें हैं. समुद्री मार्ग को लेकर ईरान का दावा सही नहीं है.
दावा 2: IRGC ने दावा किया कि हालिया हमले में अमेरिका के तीन F-35 स्टेल्थ फाइटर जेट और तीन अन्य विमान तबाह हो गए.
फैक्ट चेक: अमेरिका के मुताबिक यह दावा गलत है. किसी भी अमेरिकी विमान को नुकसान नहीं पहुंचा. ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलें और ड्रोन या तो बीच में ही रोक दिए गए या अपने लक्ष्य तक पहुंच ही नहीं सके.
ये भी पढ़ें: अमेरिका-ईरान में फिर भड़की जंग, मिसाइल हमलों से दहला मिडिल ईस्ट
दावा 3: ईरानी सरकारी मीडिया का दावा है कि तेल टैंकर M/T Nora अमेरिकी नाकेबंदी तोड़कर निकल गया.
फैक्ट चेक: अमेरिका ने इस दावे को भी गलत बताया है. उसके अनुसार M/T Nora नाकेबंदी नहीं तोड़ पाया. अमेरिका का कहना है कि 20 से ज्यादा युद्धपोत, सैकड़ों विमान और हजारों सैनिक अब भी इलाके में तैनात हैं और नाकेबंदी पूरी तरह लागू है.
अमेरिका-ईरान के बीच मिसाइल हमले तेज
अमेरिका और ईरान के बीच गुरुवार (30 जुलाई) को फिर मिसाइल हमले शुरू हो गए. इससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है और फिलहाल हालात सामान्य होने की उम्मीद कम नजर आ रही है. अब इस संघर्ष के दूसरे देशों तक फैलने का भी खतरा बढ़ गया है. जॉर्डन ने कहा कि उसने लगातार दूसरे दिन ईरान की मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया, जबकि कुवैत में एक हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई.
