महिंद्रा राजपक्षे के खिलाफ माहौल बनाने की वजह से रॉ के कोलंबो प्रमुख को श्रीलंका ने हटाया था!

कोलंबो: श्रीलंका में हाल में संपन्न हुए राष्ट्रपति चुनाव में भारतीय खुफिया एजेंसी के कोलम्बो स्टेशन के प्रमुख को श्रीलंका के तत्कालीन राष्ट्रपति महिंद्रा राजपक्षे के विरोधी प्रत्याशी मैत्रिपाला सिरिसेना की मदद करने के आरोप में श्रीलंका से निर्वासित कर दिया गया है. हालांकि, श्रीलंका ने रिसर्च एनालिसिस विंग (रॉ) के इस कोलंबो स्टेशन चीफ […]

कोलंबो: श्रीलंका में हाल में संपन्न हुए राष्ट्रपति चुनाव में भारतीय खुफिया एजेंसी के कोलम्बो स्टेशन के प्रमुख को श्रीलंका के तत्कालीन राष्ट्रपति महिंद्रा राजपक्षे के विरोधी प्रत्याशी मैत्रिपाला सिरिसेना की मदद करने के आरोप में श्रीलंका से निर्वासित कर दिया गया है. हालांकि, श्रीलंका ने रिसर्च एनालिसिस विंग (रॉ) के इस कोलंबो स्टेशन चीफ को पिछले साल दिसंबर में हुए राष्ट्रपति चुनाव से ऐन पहले निष्कासित करने की घोषणा कर दी थी. विभिन्न समाचार एजेंसियों और मीडिया में आ रही सूत्रों के हवाले से यह खबर दी गयी है. रॉ के स्टेशन चीफ पर विपक्षी दलों के साथ मिलकर महिंदा राजपक्षे की हार में भूमिका निभाने का आरोप के बाद श्रीलंका ने यह फैसला किया था.

दूसरी तरफ भारतीय विदेश मंत्रालय ने उक्त अधिकारी के निष्कासन की खबर को पूरी तरह से गलत बताया है और कहा है कि यह एक सामान्य तबादले की घटना है. खुफिया एजेंसियों में ऐसा तबादला समय-समय पर होता रहता है.

गौरतलब है कि रॉ के इस कोलंबो प्रमुख पर जिस प्रत्याशी के पक्ष में मदद पहुंचाने का आरोप लगा है, वही सिरिसेना इस समय श्रीलंका के राष्ट्रपति बन चुके हैं. चुनाव में मैत्रीपाला सिरिसेना ने राजपक्षे को हरा दिया था.
दूसरी तरफ रॉ के स्टेशन चीफ को निष्कासित किए जाने के बारे में राजपक्षे ने अपने बयान में कहा है कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है. जबकि श्रीलंका की नई सरकार का कहना है कि उन्हें इस प्रकार की रिपोर्ट की जानकारी मिली है, लेकिन अभी इस खबर पर पक्के तौर पर सरकार कुछ नहीं कह सकती है.
श्रीलंका के अख़बार सन्डे टाइम्स ने 28 दिसंबर को ये खबर छपी थी कि विरोधी दलों के साथ संबंधों के चलते रॉ के स्टेशन को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है.
कूटनीतिक रूप से राजपक्षे को चीन से नजदीकियां बढ़ाने की वजह से श्रीलंका में भी उनके खिलाफ माहौल बना था जबकि नए श्रीलंकाई राष्ट्रपति महिंद्रा सिरिसेना ने सत्ता सम्हालने के बाद ये कहा था कि वह अपने पहले विदेश दौरे के लिए भारत जाएंगे. ऐसी उम्मीद है कि राजपक्षे की जगह सिरिसेना का भारत को वरीयता देना भारत के हितों के लिए महत्वपूर्ण है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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