अब खुलेगा एयर एशिया के विमान हादसे का राज, ब्लैक बॉक्स की पड़ताल शुरु

जकार्ता-सिंगापुर : दुर्घटनाग्रस्त एयर एशिया विमान का मुख्य हिस्सा आज मिल गया जिससे शेष शवों के बरामद किए जाने की उम्मीद बढ गई है. दूसरी ओर जांच अधिकारियों ने ब्लैक बॉक्स के रिकॉर्ड को आज डाउनलोड किया जिससे अब इस हादसे की गुत्थी जल्द सुलझने की उम्मीद है. विमान का मुख्य हिस्सा सिंगापुर की नौसेना […]

जकार्ता-सिंगापुर : दुर्घटनाग्रस्त एयर एशिया विमान का मुख्य हिस्सा आज मिल गया जिससे शेष शवों के बरामद किए जाने की उम्मीद बढ गई है. दूसरी ओर जांच अधिकारियों ने ब्लैक बॉक्स के रिकॉर्ड को आज डाउनलोड किया जिससे अब इस हादसे की गुत्थी जल्द सुलझने की उम्मीद है.
विमान का मुख्य हिस्सा सिंगापुर की नौसेना के पोत ने बरामद किया. सिंगापुर के रक्षा मंत्री एनजी एंग हेन ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि विमान के मुख्य हिस्सा का पता लगाए जाने के बाद पीडितों के परिवारों के लिए थोडी राहत लाने में मदद मिल सकती है.
इस विमान का मुख्य हिस्सा बरामद किया जाना महत्वपूर्ण है क्योंकि माना जा रहा है कि अधिकांश पीडितों के शव इसके भीतर हैं. अब तक 48 शव बरामद किए गए हैं.
इस सप्ताह समुद्र की तलहटी से विमान का डेटा रिकार्डर और कॉकपिट वाइस रिकार्डर की बरामदगी होने के बाद विशेषज्ञों को उम्मीद है कि इसकी पड़ताल से 28 दिसंबर को जावा समुद्र में दुर्घटनाग्रस्त हुए एयरबस 320-200 के रहस्यों से परदा उठ सकेगा. हादसे में 162 लोग मारे गए थे.
ब्लैक बॉक्स रिकार्डर से दुर्घटना के पीछे के रहस्यों पर नई रोशनी पड़ेगी. एयर एशिया की क्यूजेड8501 उड़ान इंडोनेशिया के सुरबाया शहर से सिंगापुर जा रही थी.
जांच का नेतृत्व कर रही इंडोनेशिया की राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा कमेटी को फ्रांस और अमेरिका के विशेषज्ञ मदद कर रहे हैं. पूरी तरह से डेटा को पढ पाने में जांचकर्ताओं को एक महीने का समय लग सकता है.
बहरहाल, पिछले साल 28 दिसंबर को हादसे के शिकार हुए एयर एशिया विमान के मलबे और शवों को निकालने में एक बहुराष्ट्रीय खोज और बचाव (एसएआर) टीम इंडोनेशिया को मदद कर रही है.
विमान के डेटा रिकार्डर वाले ब्लैक बॉक्स और कॉकपिट वाइस रिकार्डर के साथ ही अब तक 48 शवों को बरामद किया जा चुका है. एयर एशिया ने कहा है कि समुद्र से निकाले गए 36 शवों की पहचान हो चुकी है जबकि 12 की पहचान अभी नहीं हो पायी है. इंडोनेशिया की राष्ट्रीय खोज और बचाव एजेंसी (बसरनास) प्रमुख मार्शल बंबंग सोलिस्तयो ने विमान के यात्रियों के रिश्तेदारों को आश्वस्त किया कि खराब मौसम और पानी के भीतर की चुनौतियों के बावजूद बचाव का अहम काम अभी चल रहा है और प्राथमिकता शवों को निकालना है.
विपरीत मौसम और समुद्र की तेज धारा से जावा समुद्र में एसएआर अभियान धीमा हो गया था. कॉकपिट वाइस रिकार्डर समुद्र में उस जगह के करीब ही मिला, जहां से फ्लाइट डेटा रिकार्डर मिला था. कॉकपिट वाइस रिकार्डर में पायलटों और वायु यातायात नियंत्रकों के बीच के अंतिम दो घंटे का संवाद दर्ज होगा.

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