काहिरा : मिस्र के राष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनाव में पूर्व सेना प्रमुख अब्देल फतह अल सीसी न सिर्फ आज की अपनी जीत को लेकर पूर्ण रुप से आश्वस्त थे बल्कि वह अब तक हुई मतपत्रों की गिनती के अनुसार, 96.2 प्रतिशत मत हासिल भी कर चुके हैं.
सरकारी टेलीविजन की खबर के अनुसार, कम से कम 2.1 करोड़ मतदाताओं ने (करीब 96.2 प्रतिशत) सेवानिवृत्त फील्ड मार्शल के पक्ष में मत डाला है जिन्होंने पिछले साल जुलाई में निर्वाचित इस्लामिक राष्ट्रपति मोहम्मद मुरसी को अपदस्थ कर दिया था. खबर के अनुसार, 352 मतगणना केंद्रों में से 312 की मतगणना पूरी हो चुकी है.
मुरसी को सत्ता से हटाने के बाद मुख्य इस्लामिक विपक्षी पार्टी लगभग बिखर गई और सीसी की जीत का एक कारण यह भी है. राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार सीसी के एकमात्र चुनावी प्रतिद्वन्द्वी वामपंथी हमदीन सब्बाही को अब तक की मतगणना के अनुसार, केवल 3.8 फीसदी वोट ही मिल पाए हैं.
सीसी को मतदाताओं ने एक ऐसा मजबूत नेता माना है जो कई वर्षों की उथलपुथल के बाद देश में स्थिरता बहाल कर सकता है. सीसी की जीत का संकेत मिलते ही उनके सैकडों समर्थक सडकों पर मिस्र के ध्वज के साथ आ गए. उन्होंने आतिशबाजी की और कार के हॉर्न बजाए.
सीसी को लोगों का भारी समर्थन मिल रहा है और कई वर्षों से चल रही अशांति के बाद उन्हें एक ऐसे मजबूत दावेदार के तौर पर देखा जा रहा है जो स्थिरता लाने में सक्षम होगा. तहरीर चौक पर इस अभूतपूर्व जीत के जश्न में शामिल तहरा खालिद ने कहा, यह स्थिरता के लिए जीत है.
वर्ष 2011 में मिस्र के तत्कालीन शासक हुस्नी मुबारक के तख्तापलट के लिए तहरीर चौक पर ही व्यापक प्रदर्शन हुए थे. मतदान मंगलवार को सम्पन्न होना था लेकिन आखिरी वक्त पर इसे एक दिन और बढ़ाने का निर्णय किया गया था जिसका वामपंथी नेता सब्बाही ने विरोध किया था. सब्बाही वर्ष 2012 में हुए चुनाव में तीसरे स्थान पर थे. इसी वर्ष मुरसी ने जीत हासिल की थी.
