Hormuz Strait Toll: होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है. अमेरिका और ईरान दोनों ने अपनी-अपनी ओर से इसकी नाकेबंदी की है. कोई भी जहाज कैसे निकले? ईरान ने यहां से गुजरने वाले जहाजों के लिए टोल के रूप में पैसे वसूलने की घोषणा की थी. हालांकि, अब अमेरिका ने शिपिंग कंपनियों को चेतावनी दी है कि होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित रूप से गुजरने के लिए ईरान को भुगतान करने पर उन्हें प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है. होर्मुज पर नियंत्रण को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव के बीच अमेरिकी विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (ओएफएसी) द्वारा शुक्रवार को दी गई चेतावनी ने दबाव और बढ़ा दिया है.
आम तौर पर शांति के समय दुनिया के तेल और प्राकृतिक गैस के व्यापार का लगभग पाँचवाँ हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है. ईरान ने 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के बीच युद्ध शुरू होने के बाद जहाजों को धमकियां दीं और कुछ पर हमले भी किए, जिससे यह रास्ता आम आवाजाही के लिए लगभग बंद हो गया. बाद में, उसने कुछ जहाजों को अपनी तटरेखा के करीब वैकल्पिक मार्गों से मोड़कर सुरक्षित मार्ग प्रदान करना शुरू किया. कई बार इस सेवा के लिए शुल्क भी वसूला. अमेरिका की प्रतिबंध वाली चेतावनी का मुख्य मुद्दा यही टोल जैसी व्यवस्था है, यानी रास्ता इस्तेमाल करने के बदले पैसा लेना.
किसी भी तरह का भुगतान नहीं किया जाएगा
अमेरिका के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय के अनुसार, इन भुगतानों में सिर्फ नकद ही नहीं, बल्कि ‘डिजिटल एसेट्स, आपसी समझौते के जरिए, अनौपचारिक अदला-बदली, या अन्य प्रकार के वस्तु-आधारित भुगतान’ भी शामिल हो सकते हैं. इसमें दान के नाम पर दिया गया पैसा या ईरानी दूतावासों में किए गए भुगतान भी शामिल हो सकते हैं.
अमेरिकी नाकेबंदी ईरान का राजस्व बंद करने की कोशिश
अमेरिका ने 13 अप्रैल को ईरान द्वारा जलडमरूमध्य बंद किए जाने के जवाब में अपनी ओर से एक नौसैनिक नाकाबंदी लागू की. इससे किसी भी ईरानी तेल टैंकर को बाहर जाने से रोका गया और ईरान को उसकी कमजोर अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए आवश्यक तेल राजस्व से वंचित कर दिया गया. अमेरिकी मध्य कमान ने कहा कि नाकाबंदी शुरू होने के बाद से 45 वाणिज्यिक जहाजों को वापस जाने को कहा गया है.
ये भी पढ़ें:- भारत का LPG लेकर आ रहे जहाज ने पार किया होर्मुज, ईरान-अमेरिका की नाकेबंदी के बावजूद निकला ‘सर्व शक्ति’
ये भी पढ़ें:- अफ्रीका में 54 देश, चीन ने एक को छोड़ 53 के लिए खत्म किया टैरिफ, एक चाल से किए तीन शिकार
युद्ध रोकने के लिए ईरान ने भेजा प्रस्ताव ट्रंप ने नकारा
इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए ईरान ने अमेरिका के पास प्रस्ताव भेजा है. हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नवीनतम प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. ट्रंप ने शुक्रवार को कहा, ‘वे समझौता करना चाहते हैं, मैं इससे संतुष्ट नहीं हूं, तो देखते हैं आगे क्या होता है.’ उन्होंने विस्तार से कुछ नहीं बताया, लेकिन ईरान के नेतृत्व के प्रति निराशा व्यक्त करते हुए इसे बेहद अव्यवस्थित बताया. ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ‘इरना’ ने कहा कि तेहरान ने बृहस्पतिवार रात पाकिस्तान में मध्यस्थों को अपनी योजना सौंप दी.
