Iran War : एक वरिष्ठ ईरानी सैन्य अधिकारी ने चेतावनी दी है कि डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा तेहरान का प्रस्ताव ठुकराए जाने के बाद दोनों देशों के बीच लड़ाई फिर शुरू होने की संभावना बढ़ गई है. ईरान के स्टेट मीडिया के मुताबिक, ईरान का ड्राफ्ट प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया गया, हालांकि इसमें क्या शर्तें थीं, इसकी जानकारी नहीं दी गई. इसी बीच, ईरान की सैन्य कमान के वरिष्ठ अधिकारी मोहम्मद जफर असदी ने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच फिर से टकराव होने की संभावना है. AFP (न्यूज एजेंसी) के हवाले से Fars News Agency ने भी इस बयान की पुष्टि की है.
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप पहले ही साफ कर चुके हैं कि वे ईरान के प्रस्ताव से वे खुश नहीं हैं. उन्होंने कहा कि फिलहाल जो ऑफर दिया गया है, उससे मैं संतुष्ट नहीं हूं. यह तनाव तब शुरू हुआ था जब 28 फरवरी को अमेरिका और ईजरायल ने ईरान पर हमले किए थे. इसके बाद हालात बिगड़ गए थे, हालांकि 8 अप्रैल को अस्थायी सीजफायर के बाद फिलहाल लड़ाई रुकी हुई है.
अमेरिका नहीं दिख रहा है भरोसेमंद
मोहम्मद जफर असदी ने इस अस्थायी सीजफायर पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि सबूत बताते हैं कि अमेरिका अपने वादों या समझौतों को लेकर भरोसेमंद नहीं दिख रहा है. इसलिए हालात फिर बिगड़ सकते हैं.
ईरान के नए ड्राफ्ट प्रस्ताव में क्या है?
हालांकि ईरान के नए ड्राफ्ट प्रस्ताव की पूरी जानकारी आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आई है, लेकिन Reuters के हवाले से एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इसमें होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने का सुझाव दिया गया है, ताकि हालात सामान्य हो सकें. अधिकारी के मुताबिक, इस प्रस्ताव में सबसे पहले होर्मुज से सामान्य शिपिंग बहाल करने और ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंध खत्म करने की बात कही गई है.
यह भी पढ़ें : अमेरिका ने ऐसी तबाही पहले नहीं देखी… ईरान ने 16 US सैन्य ठिकानों पर किए ऐसे हमले, आई बर्बादी की रिपोर्ट
इसके साथ ही तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत करने का सुझाव दिया गया है. उन्होंने यह भी बताया कि न्यूक्लियर बातचीत को बाद में करने का फैसला इसलिए रखा गया है, ताकि पहले किसी समझौते तक पहुंचना आसान हो सके.
समुद्री कारोबार लगभग ठप
पिछले दो महीने से हालात ऐसे हैं कि ईरान ने खाड़ी में ज्यादातर जहाजों की आवाजाही लगभग रोक दी है और सिर्फ अपने जहाजों को ही आने-जाने दे रहा है. वहीं, अमेरिका ने भी जवाब में पिछले महीने ईरान के बंदरगाहों पर सख्त ब्लॉकेड लगा दिया, जिससे वहां का समुद्री कारोबार लगभग ठप हो गया है.
