होर्मुज से सुरक्षित गुजरने वाले जहाजों से टैक्स वसूलने की तैयारी में अमेरिका, ईरान ने बहरीन और जॉर्डन पर दागीं मिसाइलें

US-Iran War : मंगलवार सुबह होर्मुज की नाकेबंदी और वहां से सुरक्षित गुजरने वालों जहाजों से टैक्स वसूलने की अमेरिकी घोषणा के बाद से ईरान और अमेरिका के बीच जंग और तेज हो गई है. अमेरिका ने ईरान के 6 शहरों पर हमले किए, जिसके जवाब में ईरान ने बहरीन, जाॅर्डन और यूएई के अमेरिकी बेस पर मिसाइलें दागीं हैं.

US-Iran War : अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग और तेज हो गई है. अमेरिका ने मंगलवार सुबह ईरान पर हमले किए जिसके जवाब में ईरान ने बहरीन, जॉर्डन और संयुक्त अरब अमीरात से जुड़े दो टैंकर पर जवाबी कार्रवाई की. ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर हमला किया है. इस बीच जॉर्डन की सेना ने कहा कि उसने ईरान की ओर से दागी गई चार मिसाइलों को बीच में रोककर उन्हें नष्ट कर दिया गया है. ये जानकारी न्यूज एजेंसी पीटीआई ने दी है.

ईरान ने जाॅर्डन पर दागी चार मिसाइलें

जॉर्डन की सरकारी समाचार एजेंसी पेट्रा ने यह जानकारी दी है कि जॉर्डन की सेना ने ईरान की ओर से से दागी गईं चार मिसाइलों को बीच में रोका और उन्हें नष्ट कर दिया है. जॉर्डन में अमेरिकी बेस में अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं और हाल के दिनों में ईरान ने उस पर हमले किए हैं. यह कार्रवाई अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज स्ट्रेट में ईरान की नाकाबंदी फिर से शुरू करने की घोषणा के कुछ घंटों बाद की गई.अमेरिका ने मंगलवार तड़के ईरान पर हवाई हमले किए हैं.

होर्मुज से सुरक्षित गुजरने वालों से टैक्स वसूलने की तैयारी में अमेरिका

ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुजरने वाले अन्य देशों के जहाजों से शुल्क वसूलेगा, जो समुद्री मार्गों पर निर्बाध और स्वतंत्र नौवहन का समर्थन करने वाली अमेरिका की सदियों पुरानी नीति से बिल्कुल अलग है. इस बीच, ईरान ने बहरीन और होर्मुज से गुजर रहे संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से जुड़े दो तेल टैंकरों पर हमले किए. इन हमलों में एक नाविक की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य घायल हो गए. यूएई ने इन हमलों का जवाब देने की चेतावनी दी है. ये घटनाएं ऐसे समय में हुई हैं जब ईरान और अमेरिका दोनों ही होर्मुज स्ट्रेट पर प्रभाव स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसके रास्ते दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से का कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस का परिवहन होता है. अमेरिका ने मंगलवार तड़के ईरान पर हवाई हमले किए.

यह कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज की नाकाबंदी फिर से शुरू करने की घोषणा के कुछ घंटों बाद की गई. ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका होर्मुज से सुरक्षित गुजरने वाले अन्य देशों के जहाजों से शुल्क वसूलेगा, जो समुद्री मार्गों पर निर्बाध और स्वतंत्र नौवहन का समर्थन करने वाली अमेरिका की सदियों पुरानी नीति से बिल्कुल अलग है.उन्होंने कहा, हम दुनिया के एक अत्यंत समृद्ध और महत्वपूर्ण क्षेत्र की सुरक्षा कर रहे हैं. इस पर हमारा भारी खर्च हो रहा है, इसलिए अब हमें इस सुरक्षा के लिए भुगतान किया जाए.

ये भी पढ़ें :ईरान के मिसाइल हमले में भारतीय की मौत, होर्मुज में UAE टैंकर बना निशाना


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >