अब नहीं बचेगा मसूद अजहर, भारत के साथ आये कई देश

पुलवामा हमले के बाद से पाकिस्तान वैश्विक समुदाय में अलग-थलग पड़ता जा रहा है. पाकिस्तान को चीन से साथ मिलने की उम्मीद थी पर वहां से भी उसे निराशा हाथ लगी है. वहीं, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ कई देश खड़े हैं. अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस न भारत द्वारा आतंक के खिलाफ […]

पुलवामा हमले के बाद से पाकिस्तान वैश्विक समुदाय में अलग-थलग पड़ता जा रहा है. पाकिस्तान को चीन से साथ मिलने की उम्मीद थी पर वहां से भी उसे निराशा हाथ लगी है. वहीं, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ कई देश खड़े हैं. अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस न भारत द्वारा आतंक के खिलाफ उठाये हर कदम का समर्थन किया है.

इतना ही नहीं इनकी कोशिश है कि जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट सुरक्षा परिषद से प्रतिबंधित घोषित कर दिया जाये. इसी क्रम में इन तीनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बुधवार को प्रस्ताव दिया कि पाकिस्तान से संचालित आतंकी समूह जैश-ए-मोहम्मद के प्रमूख अजहर मसूद को ब्लैकलिस्ट किया जाये. अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद प्रतिबंध समिति से अजहर की वैश्विक यात्रा पर प्रतिबंध और संपत्ति को जब्त करने के लिए कहा है. प्रस्ताव के अनुसार, समिति ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए 13 मार्च तक का समय दिया है. अब सबकी नजर चीन के रुख पर है. हालांकि, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने चीन के विदेश मंत्री से मुलाकात करके आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई में सहयोग मांगा है.

अब सबकी नजर चीन के रुख पर
चीन पहले भी सुरक्षा परिषद को मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने से रोकता रहा है. 2016 और 2017 में जैश सरगना पर प्रतिबंध लगाने के लिए सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव लाया गया था लेकिन चीन द्वारा विरोध किये जाने की वजह से यह संभव नहीं हो पाया था. भारत कई बार यूएन में मसूद अजहर के खिलाफ कार्रवाई करने का प्रस्ताव पेश कर चुका है. लेकिन चीन की वजह से सफलता नहीं मिली है.

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