वाशिंगटन : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आतंकवाद से लड़ने की मुहिम और आर्थिक प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के मामले में नाटो के सदस्य देशों को कमजोर पड़ने की वजह से गठबंधन को छोड़ भी सकते हैं. ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि वह अब एक ऐसे स्थान पर हैं, जब वह नाटो में बने रहना चाहेंगे, लेकिन यदि नाटो और तेजी से आगे नहीं बढ़ता है, तो वह उसका हिस्सा नहीं रहेंगे. यह बयान अगले सप्ताह ब्रसेल्स में नाटो शिखर सम्मलेन से पहले आया है. ट्रंप इस सप्ताह पांच देशों की यात्रा पर रवाना होंगे. इस दौरान वह बेल्जियम में शिखर सम्मेलन में शिरकत करेंगे. इस बैठक में ट्रंप नाटो नेताओं के साथ अफगानिस्तान में युद्ध एवं आईएसआईएस के खिलाफ लड़ाई पर विचार-विमर्श करेंगे.
व्हाहट हाउस प्रेस सचिव सीन स्पाइसर ने पिछले मंगलवार को कहा था कि अमेरिका के राष्ट्रपति आतंकवाद के खिलाफ नाटो देशों को अधिक प्रयास करते और उन्हें वित्तीय दायित्व पर खरा उतरता देखना चाहते हैं, जिस पर उन्होंने सहमति भी जतायी थी. अधिकारी ने कहा कि एक चीज जिसके लिए उनमें धैर्य नहीं है, वह दिखावटी प्रेम है. लोग उन्हें अच्छी बातें बता रहे हैं. नाटो ने भी इस दिशा में प्रगति की है, लेकिन आप जानते हैं, हम या तो नाटो की दिशा में वास्तविक बदलाव देखेंगे या हम इन चीजों पर काम करने के लिए अन्य रास्तें तलाशने की कोशिश करेंगे.
उन्होंने कहा कि हम देखेंगे कि शिखर सम्मेलन में क्या कहेंगे, लेकिन यह उनके लिए काफी गंभीर मुद्दा है. यह अमेरिका के लोगों के लिए भी काफी गंभीर मुद्दा है, क्योंकि हम सभी की सुरक्षा के लिए भुगतान नहीं करना चाहते. यह अमेरिकी करदाताओं के लिए भी उचित नहीं है और राष्ट्रपति भी ऐसा नहीं होने देना चाहते. ब्रसेल्स शिखर सम्मेलन में ट्रंप इस बात पर चर्चा करेंगे कि हमें यूरोप में हमारे साझीदारों द्वारा और कोशिश किए जाने की कितनी आवश्यकता है.
