वाशिंगटन : प्रतिष्ठित भारतीय-अमेरिकी विद्वान एश्ले टेलिस ने चेतावनी दी है कि नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ की नीति भारत और अमेरिका के संबंधों को ‘‘नुकसान” पहुंचा सकती है. साथ ही उन्होंने कहा कि ट्रंप को चीन से मिल रही चुनौतियों से निपटने के लिए द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की जररत है.
ट्रंप की नीतियों से भारत- अमेरिका के संबंध को नुकसान पहुंच सकता है : विशेषज्ञ
वाशिंगटन : प्रतिष्ठित भारतीय-अमेरिकी विद्वान एश्ले टेलिस ने चेतावनी दी है कि नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ की नीति भारत और अमेरिका के संबंधों को ‘‘नुकसान” पहुंचा सकती है. साथ ही उन्होंने कहा कि ट्रंप को चीन से मिल रही चुनौतियों से निपटने के लिए द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की जररत है. […]

एक शीर्ष अमेरिकी थिंक टैंक के सीनियर फेलो टेलिस ने कहा, ‘‘ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ की रणनीति अमेरिका-भारत के रिश्ते को नुकसान पहुंचा सकती है. ट्रंप को चीन से मिलने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए भारत के साथ संबंध मजबूत करने चाहिए।” मुम्बई में जन्मे 55 वर्षीय टेलिस ने एशिया पॉलिसी में प्रकाशित एक लेख में कहा, ‘‘जॉर्ज डब्ल्यू बुश प्रशासन के समय में अमेरिका की भारत से घनिष्ठता इस आधार पर थी कि दोनों देश चीन के बढने और उससे अमेरिका की प्रधानता और भारत की सुरक्षा को पैदा होने वाले खतरे का सामना कर रहे थे.
” टेलिस का कहना है कि बुश प्रशासन के दौरान भारत के उभरती शक्ति की तरफ अमेरिका की प्रतिबद्धता संतुलित थी लेकिन ओबामा प्रशासन के समय कुछ अच्छे कारणों से यह आगे जारी रही. अमेरिकी अखबार वाशिंगटन पोस्ट की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार आगामी ट्रंप प्रशासन टेलिस को भारत में अमेरिका का अगला दूत बनाने पर विचार कर रहा है. अभी टेलिस और ट्रंप की टीम ने इन खबरों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.