ओबामा ने मैनिंग की सजा कम करने के फैसले का किया बचाव

वाशिंगटन : अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति बराक ओबामा ने विकीलीक्स को गोपनीय दस्तावेज लीक करने की दोषी एक ट्रांसजेंडर सैनिक चेल्सिया मैनिंग की 35 वर्ष की जेल की सजा को कम करने के अपने फैसले का बचाव करते हुये कहा कि उसने कठोर कारावास की सजा काटी है. ओबामा ने कल एक संवाददाता सम्मेलन में […]

वाशिंगटन : अमेरिका के निवर्तमान राष्ट्रपति बराक ओबामा ने विकीलीक्स को गोपनीय दस्तावेज लीक करने की दोषी एक ट्रांसजेंडर सैनिक चेल्सिया मैनिंग की 35 वर्ष की जेल की सजा को कम करने के अपने फैसले का बचाव करते हुये कहा कि उसने कठोर कारावास की सजा काटी है.

ओबामा ने कल एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘यह स्पष्ट कर देता हूं कि चेल्सिया मैनिंग ने जेल की कठोर सजा काटी. इसलिए अगर कोई व्यक्ति यह सोचता है कि महत्वपूर्ण, गोपनीय सूचना का खुलासा कर वह बच जाएगा तो मुझे नहीं लगता कि उस व्यक्ति पर मैनिंग की सजा के मद्देनजर ऐसा असर पडेगा.”

ओबामा ने सभी को हैरत में डालते हुये मंगलवार को मैनिंग की सजा कम कर दी थी. उनके इस फैसले की नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी ने आलोचना की थी. अमेरिकी सेना की विश्लेषक 29 वर्षीय मैनिंग अब 17 मई को रिहा हो जाएगी जबकि उन्हें पहले वर्ष 2045 को रिहा होना था. मैनिंग को विकीलीक्स को कूटनीतिक खुफिया जानकारी लीक करने में भूमिका के लिए वर्ष 2013 में 35 वर्ष की सजा सुनायी गयी थी। अमेरिका के इतिहास में गोपनीय सामग्री को लीक करने का यह सबसे बडा मामला था.

ओबामा ने कहा, ‘‘मेरे विचार में उसने मुकदमे का सामना किया, मामले की सुनवायी चलती रही, अपने अपराध की जिम्मेदारी ली, जो सजा उसे मिली वह गोपनीय जानकारी लीक करने वाले ऐसे ही अन्य अपराधियों की तुलना में अधिक कठोर थी और उसने जेल में काफी समय काटा जिस कारण उसकी सजा कम की गई, ना कि सजा माफ की गयी.”

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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