इस्लामाबाद : पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो हत्याकांड के एक अहम गवाह और पाकिस्तानी खुफिया संगठन आईएसआई के पूर्व अधिकारी ने पाकिस्तान के एक तालिबानी संदिग्ध के खिलाफ गवाही देने से इंकार कर दिया. अधिकारी ने अपनी जान को खतरे में बताकर गवाही देने से इंकार कर दिया.
दो बार पाकिस्तान की प्रधानमंत्री रह चुकी भुट्टो की रावलपंडी में 2007 में हत्या कर दी गयी थी. उस समय की सरकार ने बीच में सुनी गयी टेलिफोन वार्ता के आधार पर तहरीक-ए-तालिबान को इसके लिए जिम्मेदार होने का दावा था.
आईएसआई के पूर्व टेलिफोन संचालक ने इस मामले में कल अदालत में गवाही देने से इनकार कर दिया. उसने कहा कि क्योंकि वह खैबर पैख्तूनख्वा के करक जिले में रहते हैं जो अशांत कबायली इलाकों के निकट है इस कारण उनकी जान को खतरा हो सकता है.
