वाशिंगटन : लुइसियाना के भारतीय मूल के अमेरिकी गवर्नर बॉबी जिंदल के उस पोर्ट्रेट से अमेरिका में नस्ली विवाद पैदा हो गया है जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति के चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवारी की दावेदारी कर रहे जिंदल को अपने वास्तविक रंग के बजाय एक श्वेत व्यक्ति के रूप में पेश किया गया है. जिंदल का यह पोर्ट्रेट 2008 से ही जिंदल के कैपिटोल आफिस में टंगा है. इसे लुइसियाना के पेंटर टॉमी योव जूनियर ने उनकी तस्वीर से बनाया था.
ब्लॉगर लमार व्हाइट ने पिछले हफ्ते यह तस्वीर ट्वीट की थी जिसके बाद सोशल मीडिया में इसे बेतहाशा साझा किया गया. व्हाइट ने दावा किया था कि यह जिंदल का आधिकारिक पोर्ट्रेट है. इस पोर्ट्रेट पर लोगों का ध्यान तब ज्यादा गया जब जिंदल के प्रमुख सहयोगी काइल प्लोटकिन ने ब्लागर व्हाइट की आलोचना करते हुए उन पर नस्ली उत्पीडन करने का आरोप लगाया.
प्लोटकिन ने जिंदल के आधिकारिक पोर्ट्रेट के साथ कटाक्ष करते हुए ट्विट किया, ‘आपके नस्ली उत्पीडन के लिए शुक्रिया.’ एक स्थानीय दैनिक ने प्लोटकिन के हवाले से कहा, ‘उदारवादी नस्ली उत्पीडन करना चाहते हैं और समझते हैं कि गवर्नर तस्वीर में अपर्याप्त रुप से भूरे दिखते हैं.तस्वीर ट्विट करने का और कोई कारण नहीं है. उन्हें गवर्नर के भूरे रंग का होने से कोई परेशानी नहीं है लेकिन वे यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि गवर्नर को इस बात का पता हो.’ योव जूनियर ने ‘द पोलिटिको’ को बताया कि उन्होंने जिंदल की एक तस्वीर से यह विवादस्पद पोर्ट्रेट तैयार किया है.
https://twitter.com/MariaLiaCalvo/status/562768119882842113
उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी जिंदल से आमने-सामने मुलाकात नहीं की है. पोलिटिको की रिपोर्ट के अनुसार योव ने कहा कि जब उन्होंने जिंदल का यह पोर्ट्रेट तैयार किया था तब उन्हें जिंदल की चमडी के रंग के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी. स्थानीय टाइम्स पिकायुने ने सवाल किया कि जब 2008 से लुइसियाना कैपिटोल आफिस में यह पोर्ट्रेट टंगा है तो इसपर स्टोरी चलाने की क्या जरुरत है.
