केरल में सेक्स स्कैंडल

केरल में सेक्स स्कैंडलों की इन दिनों खूब चर्चा है. इस साल विपक्ष के एक नेता का एमएमएस चर्चित रहा, जिसमें नेताजी आपत्तिजनक स्थिति में दिखे. सोलर पैनल स्कैंडल में ओम्मन चांडी का नाम पहले ही आ चुका है. इसी साल केरल कांग्रेस के नेता और खेल, सिनेमा और वन मंत्री गणोश कुमार को उस […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 19, 2013 10:38 AM

केरल में सेक्स स्कैंडलों की इन दिनों खूब चर्चा है. इस साल विपक्ष के एक नेता का एमएमएस चर्चित रहा, जिसमें नेताजी आपत्तिजनक स्थिति में दिखे. सोलर पैनल स्कैंडल में ओम्मन चांडी का नाम पहले ही चुका है. इसी साल केरल कांग्रेस के नेता और खेल, सिनेमा और वन मंत्री गणोश कुमार को उस वक्त मंत्री पद छोड़ना पड़ा, जब उनकी पत्नी ने उन पर घरेलू हिंसा और दूसरी महिला के साथ अवैध संबंध बनाने का आरोप लगाया.

वैसे केरल में सेक्स स्कैंडल और राजनीतिज्ञों की मिलीभगत नयी नहीं है. पीजे कुरियन (कांग्रेस) सूर्यनेल्ली गैंग रेप मामले में, पीके कुंहालीकुट्टी (आइयूएमएल), पीजे जोसेफ (केरल कांग्रेस), राजमोहन उन्नीथन (कांग्रेस) और निलोहितदासन नादर (जदएस) के नाम सेक्स स्कैंडलों में चुके हैं. लेकिन, पहले के मुकाबले, इस तरह के स्कैंडलों में काफी बढ़ोतरी हुई है.

समाजविदों की राय है कि केरल में स्कैंडलों की मुख्य वजह बेशुमार दौलत है. खाड़ी देशों से केरल में वर्षो से रुपये की बरसात हो रही है. लोगों में उपभोग की प्रवृत्ति बढ़ी है. इसलिए नैतिकता का पतन हो रहा है. कोच्चि के संत टेरेसा कॉलेज के प्रोफेसर और समाजशास्त्री निर्मल पद्मनाभन के अनुसार, यह तेजी से समृद्ध होता वर्ग जो भी करेगा, उसका असर समाज पर पड़ना लाजिमी है.

तिरुवनंतपुरम स्थित सेंटर फॉर डेवलपमेंट स्टडीज के प्रोफेसर डॉ केएन हरि लाल कहते हैं कि केरल में लोगों के पास बहुत पैसा है, पर इनके निवेश के अवसर कम हैं. इसलिए कुछ तत्व ऐसे हैं, जो इनसे पैसे निकालने के लिए तरहतरह के हथकंडे अपनाते हैं. स्थितियां तब बिगड़ती हैं, जब वे राजनीतिज्ञों के साथ मिल जाते हैं. केरल में यही हो रहा है.

बदलाव की शुरुआत तीन दशक पहले : करीब तीन दशक पहले केरल शतप्रतिशत साक्षर बनने की ओर अग्रसर था, तो दूसरी ओर राज्य में पैसे का प्रवाह भी बढ़ रहा था. 70 और 80 के दशक में खाड़ी देशों से पैसा बड़ी तेजी से आने लगा. प्लांटेशन (बागवानी) और प्राकृतिक संसाधनों (नदी का बालू) आदि से लोगों को मोटी कमाई हो रही थी. एक धार्मिक प्रकाशन समूह के संपादक और सायरो मलाबार चर्च के प्रवक्ता फादर पॉल थेलाकट के अनुसार, सबसे बड़ी क्षति कृषि आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था की हुई. पहले जो स्थिरता थी, अब अधिक चलायमान हो गयी. स्थायी संपत्ति का स्वरूप बदल गया.

इसलिए इस तरह के अनैतिक कृत्य सामने आने लगे. फिल्ममेकर और टीवी शो प्रस्तोता पीटी कुंजमोहम्मद कहते हैं कि इन सेक्स स्कैंडलों के बारे में बहुत कुछ लिखाकहा जा चुका है. एक बात अब साफ हो जानी चाहिए कि केरल के समाज में बड़ा परिवर्तन हो चुका है. अधिकांश लोग आगे बढ़ने की सोच रखते हैं, पर राजनीतिक और मीडिया वर्ग अभी भी कंजर्वेटिव सोच रखता है.