इस्लामाबाद : पाकिस्तान के मुख्य नेताओं ने संदिग्ध आतंकियों के मामलों की शीघ्र सुनवाई के लिए सैन्य अदालतों के गठन पर आमसहमति बनाने के लिए आज दूसरी बार मुलाकात की. इस बीच प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा कि आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई का समय आ गया है.
शरीफ ने अपने आवास पर बहुदलीय बैठक को संबोधित करते हुए कहा, ‘संसद में अब और चर्चा की गुंजाइश है. अब आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई का समय है. इस पर पहले ही बहुत चर्चा हो चुकी है.’ यह बैठक सैन्य अधिकारियों द्वारा नियंत्रित अदालतों के गठन पर आमसहमति बनाने के लिए आयोजित की गई.
सेना प्रमुख जनरल राहील शरीफ और आईएसआई प्रमुख रिजवान अख्तर भी बैठक में शामिल हुए तथा सेना ने सैन्य अदालतों के गठन के लिए शीघ्र कदम उठाने पर नेताओं पर दबाव बढा दिया.
‘इंटर सर्विसेज जन संपर्क’ प्रवक्ता मेजर आसिम बाजवा द्वारा पोस्ट एक ट्वीट के अनुसार, राहील ने बैठक के दौरान कहा कि विशेष अदालतों का गठन सेना की इच्छा नहीं है लेकिन असाधारण समय के कारण इसकी जरुरत है. बाजवा ने ट्वीट किया, ‘विशेष अदालतें सेना की इच्छा नहीं बल्कि असाधारण समय की जरुरत हैं. स्थिति सामान्य होने पर वास्तविक व्यवस्था पर लौट आएंगे.’
शरीफ ने अपने शुरुआती संबोधन में कहा कि वह नेताओं के बीच आमसहमति बनाने का प्रयास करेंगे. इस बैठक से पहले पिछले महीने इसी तरह की एक बैठक 11 घंटे चली थी जिसमें सैन्य अदालतों के गठन पर सहमति बनी थी. हालांकि इसके बाद कई पक्षों के बीच मतभेद उभरकर सामने आए. पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी जैसे प्रमुख दल सैन्य कानून में संशोधन करके ऐसा करना चाहते हैं लेकिन सरकार संविधान में संशोधन चाहती है.
