इस्लामीकरण के खिलाफ जर्मनी में 17 हजार लोगों ने क्रिसमस गीत गाकर किया प्रदर्शन

बर्लिन : इस्लाम विरोधी लगभग 17000 प्रदर्शनकारियों ने अपना दसवां प्रदर्शन किया. यह पिछले कुछ हफ्तों से जर्मनी के पूर्वी हिस्से में चल रहा है. वह क्रिसमस के गीत गाकर इस आंदोलन का जश्न मना रहे हैं. जर्मनी में पिछले कुछ हफ्तों से पैट्रियॉटिक यूरोपियन्स अगेंस्ट द इस्लामाइजेशन ऑफ ऑक्सीडेंट (पीईजीआईडीए) नामक आंदोलन चल रहा […]

बर्लिन : इस्लाम विरोधी लगभग 17000 प्रदर्शनकारियों ने अपना दसवां प्रदर्शन किया. यह पिछले कुछ हफ्तों से जर्मनी के पूर्वी हिस्से में चल रहा है. वह क्रिसमस के गीत गाकर इस आंदोलन का जश्न मना रहे हैं.

जर्मनी में पिछले कुछ हफ्तों से पैट्रियॉटिक यूरोपियन्स अगेंस्ट द इस्लामाइजेशन ऑफ ऑक्सीडेंट (पीईजीआईडीए) नामक आंदोलन चल रहा है. अक्तूबर के महीने में कुछ सौ लोगों से शुरू हुआ यह आंदोलन तेजी से ड्रेसडेन शहर में बढ रहा है.
पीईजीआईडीए और उसकी विचारधारा का विरोध करते हुए कल हजारों प्रदर्शनकारियों ने शहर में प्रदर्शन किया. उनके हाथों में ड्रेसडेन नाजी मुक्त जैसे नारों की पट्टियां थीं. वे चेतावनी दे रहे थे कि यहां पर नस्लवाद और विदेशियों का न पसंद करने वाले विचारों की कोई जगह नहीं है.
कड़ाके की सर्दी के बावजूद वे पीईजीआईडीए प्रदर्शनकारी ऐतिहासिक सेमपरोपर सभागार के बाहर एकत्रित हुए. पुलिस ने उनकी संख्या का अंदाजा लगभग 17500 बताया जबकि पिछले हफ्ते इनकी अनुमानित संख्या 15000 थी.
आपेरा हाउस के प्रबंधन ने पीईजीआईडीए के नस्लवादियों के खिलाफ नापसंदीदगी का इजहार करते हुए इमारत की बत्तियां बुझा दी. इमारत पर झंडे लगाए जिनपर लिखा था अपनी आंखें खोलो अपने दिल खोलो और दरवाजा खोलो.
जर्मन समाचार एजेंसी डीपीए की खबर के मुताबिक सैक्सनी राज्य के प्रोटेस्टेंट बिशप जोशेन बोहल ने कहा कि ये प्रदर्शनकारी क्रिसमस के गीत गा रहे हैं और ईसाई परंपराओं व प्रतीकों को राजनीतिक स्वार्थ के लिए प्रयोग करते प्रतीत होते हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >