पहचानते नहीं, डीएसपी मेरे अंकल हैं!

पटना : मुझे पहचानते नहीं हैं, सदर डीएसपी रमाकांत प्रसाद मेरे अंकल हैं! मुझे जाने दीजिए, नहीं तो मुश्किल में पड़ जाइएगा. बाइक सवार एक युवक डीएसपी रमाकांत प्रसाद को उनके ही नाम से धौंस दे रहा था. उन्होंने पूछा, रमाकांत प्रसाद को पहचानते हो? युवक ने कहा, हमेशा फोन पर बात करता हूं, पहचानूंगा […]

पटना : मुझे पहचानते नहीं हैं, सदर डीएसपी रमाकांत प्रसाद मेरे अंकल हैं! मुझे जाने दीजिए, नहीं तो मुश्किल में पड़ जाइएगा. बाइक सवार एक युवक डीएसपी रमाकांत प्रसाद को उनके ही नाम से धौंस दे रहा था. उन्होंने पूछा, रमाकांत प्रसाद को पहचानते हो? युवक ने कहा, हमेशा फोन पर बात करता हूं, पहचानूंगा क्यों नहीं? युवक की बात सुन रमाकांत प्रसाद ने उसकी बाइक को थाने ले जाने और सारे कागजात की जांच करने के बाद ही छोड़ने का आदेश दिया.
शुक्रवार की देर रात शहर के चौक -चौराहों से गली-मुहल्लों तक की नाकेबंदी कर वाहन चेकिंग की जा रही थी. सदर डीएसपी रमाकांत प्रसाद, पत्रकार नगर थानाध्यक्ष दीवान इकराम खां, कंकड़बाग थानाध्यक्ष अतनु दत्ता मलाही पकड़ी मोड़ पर चेकिंग कर रहे थे.

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