<p>केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने समाचार एजेंसी एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा है कि नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटीजंस (एनआरसी) और नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (एनपीआर) में कोई संबंध नहीं है. </p><p>पश्चिम बंगाल और केरल के मुख्यमंत्रियों ने पहले ही अपने राज्य में एनपीआर लागू नहीं करने की बात कही है. इसके अलावा असदुद्दीन ओवैसी जैसे नेताओं ने कहा है कि एनपीआर, एनआरसी का ही दूसरा रूप है.</p><p>इस पर स्पष्टीकरण देते हुए अमित शाह ने कहा कि एनपीआर में आम आदमी जो सूचना देंगे, उसके आधार पर जानकारियां एकत्रित की जाएंगी, कोई दस्तावेज़ नहीं मांगा जाएगा. हालांकि एनपीआर और जनगणना दोनों की व्यवस्थाएं अलग अलग क्यों होगी, इस बारे में अमित शाह स्पष्ट अंतर नहीं बता सके, उन्होंने कहा है कि दोनों अलग अलग व्यवस्थाएं हैं.</p><p>असदुद्दीन ओवैसी पर अमित शाह ने ये भी कहा है कि अगर वे कहेंगे कि सूरज पूर्व में उगता तो ओवैसी जी कहेंगे कि नहीं सूर्य तो पश्चिम में उगता है, उन्होंने हमेशा हमारा विरोध किया है. लेकिन फिर भी मैं उन्हें भरोसा दिलाता हूं कि नागरिकता संसोधन क़ानून का एनआरसी से कोई लेना देना नहीं है. </p><p>हालांकि इसके बाद असदुद्दीन ओवैसी ने भारतीय गृह मंत्रालय की पीआईबी प्रेस रिलीज़ को ट्वीट किया है, जिसमें कहा गया है एनपीआर, एनआरसी तैयार करने की दिशा में पहला क़दम है.</p><p><a href="https://twitter.com/asadowaisi/status/1209479104761757701">https://twitter.com/asadowaisi/status/1209479104761757701</a></p><p>तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओब्रायन ने भी यही रिलीज जारी करके कहा कि संसद में यह गृह राज्य मंत्री का बयान था. </p><p>उल्लेखनीय है कि यह जवाब 24 नवंबर, 2014 को किरण रिजिजू ने राज्य सभा में यह जवाब दिया था.</p><p>वैसे अमित शाह ने अपने इंटरव्यू में ये भी कहा है कि अभी पूरे भारत में एनआरसी को लागू करने की बात नहीं है. उन्होंने ये कहा, "अभी पूरे भारत में एनआरसी को लागू करने की बात नहीं है. प्रधानमंत्री मोदी सही कह रहे थे. अभी इस पर कैबिनेट और संसद में इस पर चर्चा नहीं है."</p><p>अमित शाह ने नागरिकता संशोधन क़ानून (सीएए) पर कहा है कि इस पर लोगों को भड़काया जा रहा है, जबकि यह क़ानून लोगों को नागरिकता देने के लिए है, किसी की नागरिकता लेने के लिए नहीं है. </p><p>अमित शाह ने कहा, "पिछली सरकार में भी ऐसी ही टाइमलाइन थी. एनपीआर कांग्रेस के शासन में आया था. एनपीआर से किसी की नागरिकता जानने वाली नहीं है."</p><p><a href="https://twitter.com/ani_digital/status/1209472683760439298">https://twitter.com/ani_digital/status/1209472683760439298</a></p><h3>डिटेंशन सेंटर पर अमित शाह</h3><p>"डिटेंशन सेंटर एक सतत प्रक्रिया है. डिटेंशन सेंटर में अवैध प्रवासियों को रखा जाता है. उन्हें जेल में नहीं रख सकते. उन्हें डिटेंशन सेंटर में रखा जाता है और बाद में उन्हें डिपोर्ट करने या उनके देश वापस भेजने की प्रक्रिया होती है. असम में जो 19 लाख लोग एनआरसी से बाहर हैं, वो डिटेंशन सेंटर में नहीं हैं, वो अपने ही घरों में रह रहे हैं."</p><p>"डिटेंशन सेंटर मेरे हिसाब से एक ही है और असम में है. ये व्यवस्था कई सालों से है, ये एनआरसी के लिए नहीं बनाया गया है. अवैध रूप से भारत में रह रहे लोगों को वहां रखा जाता है."</p><figure> <img alt="प्रकाश जावडेकर" src="https://c.files.bbci.co.uk/402D/production/_110292461_gettyimages-1186485247-1.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><p><strong>इससे पहले केंद्रीय </strong><strong>मंत्री प्रकाश जावडेकर ने एनपीआर पर क्या कहा- </strong></p> <ul> <li><strong>नरेंद्र मोदी कैबिनेट ने राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को मंज़ूरी दी</strong></li> <li><strong>कैबिनेट ने एनपीआर के लिए 3941 करोड़ रुपये मंज़ूर किए</strong></li> <li><strong>एनपीआर में कुछ नया नहीं, पहले से चली आ रही</strong></li> <li><strong>एनपीआर और एनआरसी में कोई संबंध नहीं</strong></li> <li><strong>कैबिनेट में एनआरसी पर कोई चर्चा नहीं हुई.</strong></li> </ul><p>एनआरसी और एनपीआर पर मचे बवाल के बीच केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर को अपडेट करने की मंज़ूरी दे दी.</p><p>केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने मंत्रिमंडल के फ़ैसले की जानकारी देते हुए कहा कि एनपीआर हर दस साल पर अपडेट होता है. उन्होंने कहा, "पहली बार इसे साल 2010 में यूपीए की मनमोहन सिंह सरकार ने अपडेट किया था, अब इसे दस साल बाद हम अपडेट कर रहे हैं. यानी साल 2020 में. हम कुछ भी नया नहीं कर रहे हैं."</p><p><a href="https://twitter.com/DG_PIB/status/1209419033944047616">https://twitter.com/DG_PIB/status/1209419033944047616</a></p><p>उन्होंने कहा कि एनपीआर के लिए किसी तरह के कागजात या सबूत नहीं ज़रूरत नहीं है. उन्होंने कहा, "कोई दस्तावेज नहीं मांग रहे हैं. बायोमैट्रिक भी नहीं मांगा जा रहा है. स्वसत्यापन माना जाएगा. हमें अपनी जनता पर पूरा यकीन है. जो जनता कहे वही सही है."</p><p>उन्होंने कहा कि एनपीआर में जनगणना का काम ऐप के ज़रिये किया जाएगा. अगले साल अप्रैल से इस पर काम होगा.</p><figure> <img alt="पश्चिम बंगाल, राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर, National Population Register, NPR" src="https://c.files.bbci.co.uk/1095A/production/_110203976_ee87c415-edf7-4b2a-9ccf-fc358dbbf75c.jpg" height="549" width="976" /> <footer>SANJAY DAS/BBC</footer> </figure><h3>एनपीआर का एनसीआर से कोई संबंध नहीं</h3><p>जावडेकर ने कहा कि नागरिकता और एनपीआर को लेकर भ्रम नहीं होना चाहिए. </p><p>उन्होंने कहा कि देश के सामान्य निवासियों की व्यापक पहचान का डेटाबेस बनाना इसका मुख्य लक्ष्य है. इस डेटा में जनसांख्यिंकी के साथ बायोमेट्रिक जानकारी भी होगी. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार में 2010 में एनपीआर बनाने की पहल शुरू हुई थी. तब 2011 में जनगणना के पहले इस पर काम शुरू हुआ था. अब फिर 2021 में जनगणना होनी है. ऐसे में एनपीआर पर भी काम शुरू हो रहा है.</p><p>अगले साल अप्रैल से अपडेशन का काम शुरू होगा और सितंबर तक चलेगा.</p> <ul> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-50753439?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों के बारे में भारत का दावा कितना सही?</a></li> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-50794461?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">CAB के ख़िलाफ़ अब बंगाल में भड़की आग</a></li> </ul><p><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-50800213?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">नागरिकता संशोधन क़ानून: क्या बीजेपी हड़बड़ी में गड़बड़ी कर गई</a></p><figure> <img alt="अमित शाह, राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर, National Population Register, NPR" src="https://c.files.bbci.co.uk/7102/production/_110203982_5e034930-0557-4abb-b5bb-b4f9775c3e77.jpg" height="549" width="976" /> <footer>PTI</footer> </figure><p>एनपीआर देश के सामान्य नागरिकों की सूची है. 2010 से सरकार ने देश के नागरिकों के पहचान का डेटाबेस जमा करने के लिए राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर की शुरुआत की.</p><p>इसके लिए राज्यों के अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है.</p><h3>ममता का विरोध</h3><p>नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध के बीच पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने एनपीआर यानी राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के अपडेशन का काम रोक दिया था.</p><p>ममता ने पिछले हफ्ते जारी इस आदेश को जनहित में लिया गया फ़ैसला बताया.</p><p>ममता पहले यह लगातार कहती रही हैं कि वो अपने राज्य में एनआरसी और नागरिकता संशोधन क़ानून लागू नहीं होने देंगी, लेकिन एनपीआर को लेकर उहापोह की स्थिति में थी.</p><p>एनआरसी का विरोध और एनपीआर का समर्थन करने के कारण बीजेपी को छोड़कर विपक्षी पार्टियां ममता बनर्जी की खिंचाई करती रही हैं.</p><p><strong>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप </strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi">यहां क्लिक</a><strong> कर सकते हैं. आप हमें </strong><a href="https://www.facebook.com/bbchindi">फ़ेसबुक</a><strong>, </strong><a href="https://twitter.com/BBCHindi">ट्विटर</a><strong>, </strong><a href="https://www.instagram.com/bbchindi/">इंस्टाग्राम </a><strong>और </strong><a href="https://www.youtube.com/user/bbchindi">यूट्यूब</a><strong>पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</strong></p>
NPR पर बोले अमित शाह, किसी की नागरिकता नहीं जाने वाली
<p>केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने समाचार एजेंसी एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा है कि नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटीजंस (एनआरसी) और नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (एनपीआर) में कोई संबंध नहीं है. </p><p>पश्चिम बंगाल और केरल के मुख्यमंत्रियों ने पहले ही अपने राज्य में एनपीआर लागू नहीं करने की बात कही है. इसके अलावा असदुद्दीन ओवैसी […]
