झारखंड चुनाव : 15 चुनावों में चार बार एक भी कांग्रेसी नहीं जीता, जानें धनबाद सीट का हाल
इमरजेंसी तक धनबाद की सभी छह सीटों पर ठीक-ठाक रहा प्रदर्शन 1969, 2000, 2005 और 2014 में शून्य पर हुई थी आउट 1977 के बाद हुए मोहभंग से उबरने की चुनौती बढ़ती गयी चुनाव दर चुनाव 1995 में बाघमारा, तो 2009 में सिर्फ धनबाद सीट पर ही मिली थी जीत मनोहर कुमार धनबाद : कभी […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
इमरजेंसी तक धनबाद की सभी छह सीटों पर ठीक-ठाक रहा प्रदर्शन
1969, 2000, 2005 और 2014 में शून्य पर हुई थी आउट
1977 के बाद हुए मोहभंग से उबरने की चुनौती बढ़ती गयी चुनाव दर चुनाव
1995 में बाघमारा, तो 2009 में सिर्फ धनबाद सीट पर ही मिली थी जीत
मनोहर कुमार
धनबाद : कभी धनबाद जिले की सभी छह सीटों पर काबिज कांग्रेस पार्टी को अब तक हुए 15 विधानसभा चुनावों में चार बार जीरो पर आउट होना पड़ा है. यानी जिले की छह विधानसभा सीटों में एक पर भी कांग्रेस प्रत्याशी नहीं जीत सके. इमरजेंसी तक तो पार्टी का कोयलांचल में प्रदर्शन ठीक-ठाक रहा, पर वर्ष 1977 के बाद हुए चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन खराब होता चला गया. 1977 के विधानसभा चुनाव के बाद हुए मोहभंग से उबरने में दिनों-दिन कांग्रेस की चुनौतियां बढ़ती चली गयीं.
…तब मन्नान और ओपी ही जीत सके थे चुनाव : वर्ष 1990 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद मानो जिला में चुनाव दर चुनाव कांग्रेस की चुनौती बढ़ती चली गयी. वर्ष 1957 के चुनाव में छह की छहों सीट पर चुनाव जीतने वाली कांग्रेस पार्टी को 1990 के चुनाव में महज दो सीटों (बाघमारा और धनबाद) से ही संतोष करना पड़ा. वर्ष 1995 के चुनाव में सिर्फ बाघमारा से ओपी लाल ही चुनाव जीते, जबकि 2000, 2005 में कांग्रेस जीरो पर आउट हो गयी थी.
झरिया में सुरेश सिंह हारे थे तीन हजार वोट से : वर्ष 2009 के चुनाव में जिला की छह विधानसभा सीटों में सिर्फ धनबाद सीट से चुनाव लड़े पार्टी प्रत्याशी मन्नान मल्लिक ही चुनाव जीते थे. अन्य पांच सीटों में सभी पर कांग्रेस प्रत्याशी चुनाव हार गये थे. हालांकि झरिया सीट से चुनाव लड़ रहे कांग्रेस प्रत्याशी सुरेश सिंह ने भाजपा प्रत्याशी कुंती सिंह को कड़ी टक्कर दी थी. सुरेश सिंह महज 3016 वोट से चुनाव हार गये थे. भाजपा प्रत्याशी कुंती सिंह को 49131 और कांग्रेस के सुरेश सिंह को 46115 वोट मिले थे.