कांग्रेस ने किया विरोध, कहा संसद का अपमान
नयी दिल्ली : अनुच्छेद-370 हटाये जाने के बाद किसी विदेशी प्रतिनिधिमंडल के पहले कश्मीर दौरे के तहत 27 यूरोपीय सांसदों का एक दल मंगलवार को घाटी की यात्रा करेगा. इससे पहले इयू सांसदों ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनएसए अजित डोभाल से मुलाकात की.
दोनों ने इस प्रतिनिधिमंडल को कश्मीर की स्थिति से अवगत कराया. इस मौके पर मोदी ने स्पष्ट रूप से उन्हें बताया कि आतंकवाद का समर्थन और उसे प्रायोजित करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जरूरत है. प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि आतंकवाद के संबंध में कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति होनी चाहिए.
इयू प्रतिनिधिमंडल में इटली के फुल्वियो मार्तुसिएलो, ब्रिटेन के डेविड रिचर्ड बुल, इटली की जियाना गैंसिया, फ्रांस की जूली लेंचेक, चेक गणराज्य के टामस डेकोवस्की, स्लोवाकिया के पीटर पोलाक और जर्मनी के निकोलस फेस्ट शामिल हैं. इधर, कांग्रेस के पार्टी नेता आनंद शर्मा ने आरोप लगाया कि भारतीय नेताओं को कश्मीर जाने की अनुमति नहीं देना और विदेश के नेताओं को इजाजत देना देश की संसद एवं लोकतंत्र का पूरी तरह अपमान है.
आज सऊदी के शाह से मिलेंगे
सऊदी अरब के सालाना वित्तीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान समेत कई अन्य देशों के नेता भाग लेंगे.
मंगलवार से शुरू हो रहे इस तीसरे सम्मेलन ‘फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव फोरम’ का उद्देश्य खाड़ी देश को तेल आधारित अर्थव्यवस्था को विविध रूप देने में मदद के लिए विदेशी निवेशकों को आकर्षित करना है. प्रधानमंत्री मोदी दो दिन की यात्रा पर सोमवार की रात रियाद पहुंच गये. मोदी सऊदी अरब के शाह सलमान बिन अब्दुल अजीज और युवराज मोहम्मद बिन सलमान के साथ मंगलवार को द्विपक्षीय बातचीत करेंगे.
पाक ने विमान को नहीं दिया रास्ता, तो भारत ने की शिकायत
भारत ने प्रधानमंत्री मोदी के विमान के लिए अपने हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने की सुविधा देने से पाकिस्तान के इंकार का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन के समक्ष उठाया है. भारत ने पाकिस्तान से सऊदी अरब जाने के लिए प्रधानमंत्री के विमान को अपने हवाई क्षेत्र से गुजरने देने का आग्रह किया था, लेकिन जम्मू-कश्मीर का हवाला देते हुए पाकिस्तान ने रविवार को इससे इंकार कर दिया.
