लंदनः पाकिस्तान की एक नापाक हरकत का खुलासा खुफिया जांच में हुआ है. पाकिस्तान नोटंबदी के लगभग तीन साल बाद अब नए नकली नोटों के जरिए भारत को नुकसान पहुंचाने के लिए काम कर रहा है. खुफिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आतंकी संगठनों को आईएसआई अच्छी गुणवत्ता वाले नकली नोट बड़े पैमाने पर देने का काम कर रहा है.
एएनआई के मुताबिक, नकली नोटों को लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों तक पहुंचाने का भी काम हो रहा है. वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान से जाली मुद्रा की एक बड़ी मात्रा 2016 से पहले जिस प्रकार अपने गिरोह, उनके सिंडिकेट और मार्गों के रास्ते से भारत में पहुंचाई जाती थी, उन्हीं रास्तों का प्रयोग कर पाकिस्तान फिर से बड़ी मात्रा में जाली नोटों को भारत भेज रहा है.
आश्चर्य की बात यह है कि पाकिस्तान नेपाल, बांग्लादेश और अन्य देशों में जाली भारतीय नोटों की खेप लाने और वितरित करने के लिए राजनयिक माध्यमों का दुरुपयोग करता रहा है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बड़ी संख्या में पाकिस्तान से नकली नोटों को 2016 से पहले के अपने नेटवर्क और चैनलों के जरिए व्यवस्थित तरीके से भारत में लाने का काम हो रहा है.
जानकार सूत्र का कहना है कि सबसे चौंकाने वाली बात है कि पाकिस्तान इसके लिए कूटनयिक मार्गों का भी दुरुपयोग कर रहा है. नेपाल, बांग्लादेश और दूसरे देशों के माध्यम से पाकिस्तान नकली नोटों को भारत में पहुंचाने का काम कर रहा है. सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई इस बार ज्यादा बेहतर गुणवत्ता वाले नकली नोटों को बना रहा है.
पहले के फोटोकॉपी नोट्स की तुलना में ये नोट काफी अच्छी क्वॉलिटी के हैं. बता दें कि इसी साल मई में नेपाल के काठमांडू एयरपोर्ट से डी-कंपनी से जुड़े यूनुस अंसारी को अरेस्ट किया. उसके साथ 3 पाकिस्तानी नागरिक भी गिरफ्तार किए गए थे. इनके पास से 76.7 मिलियन के भारतीय मुद्रा के नकली नोट बरामद किए गए.
नकली नोटों को भारत पहुंचाने के लिए पाकिस्तान अलग-अलग धड़ों का प्रयोग कर रहा है. 22 सितंबर को खालिस्तान समर्थक खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के पास से 1 करोड़ रकम के नकली नोट बरामद किए थे. इस ग्रुप के पास से पुलिस ने 5 एके-47 राइफल्स, 30 बोर पिस्टल, 9 हैंड ग्रेनेड, 5 सैटलाइट फोन, 2 मोबाइल फोन भी बरामद किए गए थे. यह सारा सामान पाकिस्तानी ड्रोन्स के जरिए पहुंचाया गया था.
