इस्लामाबाद : पाकिस्तान ने शनिवार को कहा कि कश्मीर में भारत के खराब व्यवहार का पर्दाफाश करना उसकी नैतिक जिम्मेदारी बनती है. पाकिस्तान ने कहा कि भारत सरकार द्वारा राज्य का विशेष दर्जा खत्म किये जाने के बाद से घाटी में लगाये गये प्रतिबंधों के कारण सामान्य जीवन अभी भी अस्त-व्यस्त है.
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने पांच अगस्त को संविधान के अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को समाप्त कर जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म कर दिया था और उसे दो केंद्र शासित प्रदेशों लद्दाख और जम्मू-कश्मीर में बांट दिया था. भारत के इस फैसले के बाद से ही दोनों पड़ोसी देशों के बीच संबंध बेहद तनावपूर्ण हैं. पाकिस्तान ने भारतीय उच्चायुक्त को निष्कासित कर दिया. तभी से पाकिस्तान इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाने का प्रयास कर रहा है. भारत ने अपने खिलाफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के उकसावे वाले और गैरजिम्मेदाराना बयान की शुक्रवार को निंदा की और कहा कि उन्हें बिल्कुल पता नहीं है कि अंतरराष्ट्रीय संबंध कैसे संचालित किये जाते हैं.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया कि खान की टिप्पणी उनके पद के अनुरूप नहीं है. संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में अपने पहले भाषण में खान ने कश्मीर मुद्दा उठाया और मांग रखी कि भारत कश्मीर में लगे ‘अमानवीय कर्फ्यू’ को हटा ले और सभी ‘राजनीतिक बंदियों’ को रिहा कर दे. भारत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान विदेश विभाग के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने शनिवार को कुमार की टिप्पणियों को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा, जम्मू-कश्मीर में भारत के गलत व्यवहार का पर्दाफाश करना हमारी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी है और कश्मीर में भारतीय अत्याचार से पीड़ितों के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी भी.
