<figure> <img alt="नूर उल हसन" src="https://c.files.bbci.co.uk/6C33/production/_107799672_97e2d72a-825c-4bb7-8163-a88fb5f3b4fb.jpg" height="549" width="976" /> <footer>BBC</footer> <figcaption>नूर उल हसन शालीमार अस्पताल के आईसीयू में भर्ती थे</figcaption> </figure><p>नूर उल हसन को डर था कि उनका 300 किलोग्राम से भी ज़्यादा भारी शरीर उनकी जान न ले ले.</p><p>पाकिस्तान में लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के विशेषज्ञ डॉक्टर माज़ उल हसन ने दस दिन पहले वज़न कम करने के लिए उनका ‘कामयाब’ ऑपरेशन किया था. </p><p>पंजाब के सादिक़ाबाद के रहने वाले नूर उल हसन इसके बाद से लाहौर के शालीमार अस्पताल के आईसीयू में भर्ती थे. </p><p>डॉक्टर माज़ के मुताबिक़, "उनके सभी अंग ठीक काम कर रहे थे और उम्मीद थी कि सोमवार दोपहर तक उनकी ऑक्सीजन पाइप हटा ली जाएगी." </p> <ul> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-48730581?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">न कोई बीमारी न खाने की लत फिर वज़न 330 किलो कैसे?</a></li> </ul><p>मगर सोमवार सुबह ही डॉक्टर माज़ उल हसन को पता चला कि उनकी तबियत बिगड़ गई है. वह अस्पताल पहुंचे तो नूर उल हसन की मौत हो चुकी थी.</p><p>नूर उल हसन उस वक़्त ख़बरों में आए थे जब बीते महीने सोशल मीडिया पर उनकी अपील सामने आने के बाद सेना की हवाई एंबुलेंस के ज़रिए उन्हें इलाज के लिए सादिक़ाबाद से लाहौर लाया गया था.</p><p>सोमवार को उनके घरवाले एंबुलेंस के ज़रिए उनके शव को वापस सादिक़ाबाद लेकर जा रहे थे. उनके बेटे मोहम्मद असलम ने बीबीसी को बताया, "एंबुलेंस का 40 हज़ार रुपये का किराया डॉक्टर माज़ उल हसन ने अदा किया है."</p><p>"सफ़र बहुत लंबा है और उनके पेट में पानी भर गया है, बस दुआ है कि हम सही सलामत पहुंच जाएं."</p><h1>अचानक ऐसे कैसे हो गया?</h1><p>सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस करते हुए डॉक्टर माज़ उल हसन ने स्थानीय मीडिया को बताया, "ज़ाहिर है कि मौत दिल के दौरा पड़ने से हुई है और इसकी वजह से शालीमार अस्पताल के आईसीयू में हुआ हंगामा है."</p><p>अस्पताल प्रशासन और डॉक्टर माज़ के मुताबिक़, "सुबह-सुबह अस्पताल के आईसीयू वार्ड में एक महिला ने बच्चे को जन्म दिया लेकिन कुछ दिक्कतों के कारण बच्चे की मौत हो गई. इसके बाद महिला के परिजनों ने आईसीयू में तोड़फोड़ शुरू कर दी. इस दौरान उन्होंने कुछ डॉक्टरों और नर्सों को भी निशाना बनाया. अस्पताल प्रशासन वहां से जान बचाने के लिए भाग गया."</p><p>डॉक्टर माज़ के मुताबिक़ वह वापस आए तो उन्होंने नूर उल हसन की हालत ख़राब पाई और ख़ुद से उनकी सांस लौटाने की कोशिश की जो कामयाब नहीं हो पाई. </p><p>वह कहते हैं, "ऐसे मरीज़ों में मौत की आशंका बनी रहती है और अमूमन उसकी वजह ये होती है कि फेफड़े काम करना बंद कर दें या दिल का दौरा पड़ जाए. मगर उसका पता तब ही लगाया जा सकता है जब पोस्टमॉर्टम हो."</p><p>हालांकि, नूर उल हसन के परिजनों ने पोस्टमॉर्टम करवाने से मना कर दिया था.</p> <ul> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/vert-fut-47774102?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">वक़्त पर खाने से मोटापा हो सकता है कंट्रोल?</a></li> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/vert-fut-47304295?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">मोटापा की वजह क्या पेट के कीटाणु हैं</a></li> </ul><figure> <img alt="डॉक्टर माज़" src="https://c.files.bbci.co.uk/10873/production/_107799676_e5a52fe2-e70a-4933-9b48-29fada80e314.jpg" height="549" width="976" /> <footer>BBC</footer> <figcaption>डॉक्टर माज़ ने ऑपरेशन के बाद कहा था कि ये कामयाब ऑपरेशन है</figcaption> </figure><h1>नूर उल हसन का ऑपरेशन कैसे हुआ?</h1><p>नूर उल हसन ऑपरेशन और उसके बाद के इलाज का ख़र्च नहीं उठा सकते थे. अपने वज़न की वजह से वह बीते एक दशक से अपाहिज़ थे और बिस्तर पर थे. इससे पहले वह मालवाहक गाड़ियों के ड्राइवर थे.</p><p>नूर उल हसन का ऑपरेशन डॉक्टर माज़ उल हसन ने बिना पैसे के किया था. शालीमार अस्पताल भी उनके इलाज का रोज़ाना क़रीब 70 से 80 हज़ार रुपये ख़र्च ख़ुद ही उठा रहा था.</p><p>ऑपरेशन से पहले डॉक्टर माज़ ने बीबीसी से बात करते हुए बताया था कि 330 किलो वज़नी नूर उल हसन का ऑपरेशन जिस तकनीक के तहत किया जाएगा उसे लेप्रोस्कोपिक स्ल्यू गेस्ट्रेक्टोमी कहते हैं.</p><p>उन्होंने कहा, "इसमें मरीज़ के पेट को 80 फ़ीसदी तक छोटा कर दिया जाता है. इसमें की-होल सर्जरी होती है, पेट काटना नहीं पड़ता है." </p><p>उनका कहना था कि इसके तक़रीबन दो साल बाद मरीज़ का वज़न तक़रीबन डेढ़ से दो सौ किलो कम होने की उम्मीद थी.</p><p>हालांकि, डॉक्टर माज़ ने इस बारे में भी पहले सूचित किया था कि इस तरह के ऑपरेशन ज़्यादातर युवा लोगों के किए गए थे. नूर उल हसन की उम्र पचास बरस से ज़्यादा होने की वजह से पेचीदगियां पैदा हो सकती थीं. ये पाकिस्तान में इस तरह का कोई पहला ऑपरेशन था.</p><h1>ऑपरेशन के बाद क्या था हालत?</h1><p>सोमवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान डॉक्टर माज़ ने बताया कि ऑपरेशन के बाद नूर उल हसन को आईसीयू में भेज दिया गया था जहां उन्हें ‘इलेक्टो वेंटिलेशन’ पर डाला गया था.</p><p>"हम चाहते थे कि उनके फेफड़ों को आसानी से काम करने में मदद मिले और उनके बाकी अंग भी पूरी तरह काम कर रहे थे. ये सब रिकॉर्ड पर मौजूद है."</p><p>"रविवार के दिन खाने के लिए लगाई गई उनकी नली में दिक़्क़त आने के बाद मैंने ख़ुद आकर उसे बदला था और उस वक़्त भी उनके तमाम अंग बिलकुल सही काम कर रहे थे."</p> <ul> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/vert-cap-46315725?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">वो तरीके जिनसे भारतीयों का मोटापा हो सकता है दूर</a></li> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/india-44783514?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">पुलिस जवान मोटापा कम करें नहीं तो जाएगी नौकरी</a></li> </ul><figure> <img alt="नूर उल हसन" src="https://c.files.bbci.co.uk/14442/production/_107801038_d243f873-3910-4782-8f42-b7722a672a04.jpg" height="549" width="976" /> <footer>BBC</footer> <figcaption>नूर उल हसन के बेटे ने बताया कि एंबुलेंस का 40 हज़ार का किराया डॉक्टर माज़ उल हसन ने दिया है</figcaption> </figure><p>डॉक्टर माज़ उल हसन का कहना था कि उसके बाद उन्होंने ये फ़ैसला किया था कि वह सोमवार की दोपहर नूर उल हसन को वेंटिलेशन से हटा देंगे और इसके बाद माज़ उल हसन ख़ुद से सांस भी लेते रहेंगे और खाना भी खाना शुरू कर देंगे.</p><p>हालांकि, ऐसा होने से पहले ही अस्पताल में हंगामा हुआ और उसके बाद नूर के मरने की ख़बर सामने आई. </p><p>नूर उल हसन के बेटे मोहम्मद असल ने बीबीसी से बात करते हुए बताया कि उन्हें डॉक्टरों से कोई समस्या नहीं है क्योंकि उन्होंने अपनी तरफ़ से भरपूर कोशिश की मगर अल्लाह की मर्ज़ी ऐसी ही थी. वहीं, अस्पताल प्रशासन ने हंगामे की जांच के आदेश दे दिए हैं.</p><p><strong>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप </strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi">यहां क्लिक</a><strong> कर सकते हैं. आप हमें </strong><a href="https://www.facebook.com/bbchindi">फ़ेसबुक</a><strong>, </strong><a href="https://twitter.com/BBCHindi">ट्विटर</a><strong>, </strong><a href="https://www.instagram.com/bbchindi/">इंस्टाग्राम </a><strong>और </strong><a href="https://www.youtube.com/user/bbchindi">यूट्यूब</a><strong>पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</strong></p>
पाकिस्तान: ऑपरेशन के बाद 330 किलो वज़नी आदमी की कैसे हुई मौत?
<figure> <img alt="नूर उल हसन" src="https://c.files.bbci.co.uk/6C33/production/_107799672_97e2d72a-825c-4bb7-8163-a88fb5f3b4fb.jpg" height="549" width="976" /> <footer>BBC</footer> <figcaption>नूर उल हसन शालीमार अस्पताल के आईसीयू में भर्ती थे</figcaption> </figure><p>नूर उल हसन को डर था कि उनका 300 किलोग्राम से भी ज़्यादा भारी शरीर उनकी जान न ले ले.</p><p>पाकिस्तान में लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के विशेषज्ञ डॉक्टर माज़ उल हसन ने दस दिन पहले वज़न कम […]
