स्वरोजगार के िलए खुद को करें तैयार

सुधा उपाध्याय, दिल्ली विश्वविद्यालय अा ज बहुत से ऐसे लोग मिसाल के तौर पर देखे जा सकते हैं, जिन्होंने नौकरी की परेशानियों से तंग आकर अपने लिए अलग रास्ता चुनने का फैसला किया. इन लोगों ने नौकरी छोड़ स्वरोजगार को अपनाना शुरू किया और कोशिश करते-करते सफलता हासिल करते गये. आलम यह है कि आज […]

सुधा उपाध्याय, दिल्ली विश्वविद्यालय
अा ज बहुत से ऐसे लोग मिसाल के तौर पर देखे जा सकते हैं, जिन्होंने नौकरी की परेशानियों से तंग आकर अपने लिए अलग रास्ता चुनने का फैसला किया. इन लोगों ने नौकरी छोड़ स्वरोजगार को अपनाना शुरू किया और कोशिश करते-करते सफलता हासिल करते गये. आलम यह है कि आज की तारीख में हर सजग शख्स स्वरोजगार के लिए कोशिश जरूर करता है.
अलग राह बनाने की कोशिश करें
क्रिएटिविटी एंटरप्रेन्योरशिप की बुनियाद है. आप जितने रचनात्मक होंगे, उतना ही अलग सोचने और करने की कोशिश करेंगे. अलग का मतलब, आउट ऑफ बॉक्स. इसलिए जरूरत है कुछ नया सोचने की. इसके लिए कुछ अलग तरह की किताबें पढ़ें. दूसरी भाषाओं की फिल्में देखें. अनजान जगहों पर यात्रा करें. अपने सर्किल के बाहर के लोगों से बात करें. पता नहीं कहां नया आइडिया और नयी राह मिल जाये.
अपना रोजगार शुरू करें
अपना रोजगार शुरू करने का मतलब-खुद से अनुभव करना और उससे सीख लेकर आगे बढ़ने की प्रक्रिया में जुटे रहना. किसी और की कंपनी को मंजिल पर पहुंचाने से अच्छा है, खुद का रोजगार करें. हो सकता है कि शुरुआत में रफ्तार कम रहे, पर घबराने की जरूरत नहीं. डटे रहेंगे, जूझते रहेंगे, तो अपने रोजगार को एक न एक दिन मुकाम पर जरूर ले जायेंगे.
चुनौतियों का सामना करें
एक बात तय है कि आपका चुनौतियों से लगातार सामना होगा. अगर डर कर भाग निकले, तो सिर्फ पछतावा मिलेगा और डटकर खड़े रहे, उसे मात देने की कोशिश करते रहे, तो फिर तरक्की मिलेगी. अपने बिजनेस के लिए एक मंजिल बनायें. उस मंजिल तक पहुंचने के लिए जरूरी सामान इकट्ठा करें. चुनौतियों से लड़ने की आपकी तैयारी जितनी अच्छी होगी, मंजिल करीब दिखने लगेगी.
सफलता में देरी से न घबरायें
स्वरोजगार में कई बार अनगिनत असफलताओं से गुजरने के बाद सफलता मिलती है. इसलिए असफल होने पर हिम्मत नहीं हारना है. कोशिश जारी रखनी है. संभव है कि दूसरों की तरह आपकी जिंदगी आराम और सुकून में न कट रही हो, पर इससे घबराने की जरूरत नहीं. जितना ज्यादा से ज्यादा हो सके, अपने रोजगार से संबंधित काम करना है.
आर्थिक स्थिति को मैनेज करें
अपनी कंपनी चलाते समय कोशिश करें कि फिजूल खर्च न हो. क्या पता सफलता में अभी कितना वक्त लगे और कहां पैसे की जरूरत पड़ जाये. जितना लो प्रोफाइल होकर अपना काम करेंगे, सफलता की गारंटी उतनी बढ़ेगी. टैक्स के बारे में भी जानकारी हासिल कीजिये. कहते हैं पहले बिजनेस का मतलब होता था, बिना पैसे लगाये बिजनेस खड़ा करना. पर आज की तारीख में वो संभव नहीं है.
वॉलंटियर के साथ जुड़ें
अपने काम को लोगों तक पहुंचाने के लिए जरूरी है, वॉलंटियर्स से साथ जुड़ना. ताकि वॉलंटियर्स आपके प्रोजेक्ट के बारे में दूसरों को बता सकें और स्थानीय लोगों को उससे जोड़ सके. अगर स्थानीय लोग जुड़ने लगते हैं, तो आप कंपनी की तरफ से उनके साथ कोई कार्यक्रम कर सकते हैं. इससे आप अपने काम और आइडिया को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचा सकते हैं.
कम्युनिकेशन बेहतर करें
यह जानना आवश्यक है कि आप दूसरों से कम्युनिकेशन किस तरह करते हैं. उनसे बातचीत कैसे करते हैं या मेल पर किस तरह से संपर्क में रहते हैं. आप अपनी बात रख पाते हैं या नहीं? दूसरों को अपनी बात आसानी से समझा पाते हैं या नहीं? अगर नहीं, तो इसके लिए तत्काल प्रभाव से काम शुरू कर दीजिए.
खुद के काम को बेचने की कला
क्या आप अपने काम से सामनेवाले को इंप्रेस कर सकते हैं? अगर नहीं तो सेल्समैन की बारीकियों को सीखें, समझें और व्यवहार में लायें, क्योंकि अगर आप अपनी चीज को सामनेवाले को बेच ही नहीं पा रहे हैं, तो फिर सारी मेहनत पर पानी फिर जायेगा.

स्वरोजगार से जुड़े कार्यक्रमों में जायें
ऐसे कार्यक्रम का हिस्सा जरूर बनें, जहां स्वरोजगार से जुड़े एक्सपर्ट आते हैं और आगे बढ़ने के तरीकों पर बातचीत करते हैं. इससे आप को अपने रोजगार में आगे बढ़ने का रास्ता मिलेगा. ऐसे कार्यक्रमो में आये दूसरे लोगों से जुड़ने का मौका भी मिलेगा.

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