देश में ऐसी महिलाओं की संख्या कहीं ज्यादा है, जिनके जीवन में जब पारिवारिक जिम्मेदारियों या करियर में किसी एक का चयन करने का वक्त आया, तो उन्होंने बच्चों की बेहतर परवरिश के लिए करियर का त्याग कर दिया. ऐसी महिलाओं के लिए ई-कॉमस इंडस्ट्री अपने सपने को साकार करने का माध्यम बन रही है. […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
देश में ऐसी महिलाओं की संख्या कहीं ज्यादा है, जिनके जीवन में जब पारिवारिक जिम्मेदारियों या करियर में किसी एक का चयन करने का वक्त आया, तो उन्होंने बच्चों की बेहतर परवरिश के लिए करियर का त्याग कर दिया. ऐसी महिलाओं के लिए ई-कॉमस इंडस्ट्री अपने सपने को साकार करने का माध्यम बन रही है.
अाज देश में ई-कॉमर्स इंडस्ट्री का विस्तार महिलाओं को कम लागत में अधिक मुनाफा कमा कर अपने व्यवसाय को सेट करने की सुविधा भी दे रहा है. सबसे महत्वपूर्ण यह है कि वे महिलाएं, जो घर की जिम्मेदारियों के चलते बाहर नहीं निकल सकती, वे भी अपनी सुविधानुसार घर से ही व्यवसाय कर आज अपनी अलग पहचान बना रही हैं.
फल-फूल रहे हैं कई ऑनलाइन व्यवसाय
ई-कॉमर्स खरीदारों और विक्रेताओं को करीब लाने में अहम भूमिका निभा रहा है. इन दिनों महिलाएं ई-कॉमर्स के माध्यम से ज्वैलरी, होम फर्निशिंग, हैंडीकाफ्ट्स, होम यूटिलिटी प्रोडक्ट्स, फैशन अपेरल्स और एक्सेसरीज जैसे अन्य कई प्रोडक्ट्स के व्यवसाय को आगे बढ़ा रही हैं. इस परिवर्तन के चलते महिलाएं भारत की जीडीपी में लगभग 17 प्रतिशत का योगदान दे रही हैं. विशेषज्ञों की मानें, तो महिलाओं द्वारा संचालित व्यवसायों की वृद्धि देश की अर्थव्यवस्था के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है.
सरकार भी दे रही है साथ
घर बैठे कुछ करने का इरादा रखनेवाली महिलाओं के लिए सरकार ने भी आगे बढ़ने का प्लेटफॉर्म दिया है. केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने कुछ समय पहले महिला ई-हाट (http://mahilaehaat-rmk.gov.in/hi) की शुरुआत की है. इस ई-हाट में कोई भी महिला ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराकर बिजनेस शुरू कर सकती है.
महिला ई-हाट में प्रोडक्ट्स को 18 श्रेणियों में बांटा गया है. इसमें कपड़े, बैग, फैशन एक्सेसरीज या ज्वैलरी, फाइल फोल्डर, डेकोरेटिव और गिफ्ट आइटम, ग्रोसरी एवं स्टेपल्स या ऑर्गेनिक फूड, बास्केट, नेचुरल प्रोडक्ट्स, बॉक्स, लीनन या पर्दे, होम डेकोर, खिलौने, इसके अलावा भी किसी तरह के प्रोडक्ट्स की डिटेल दे सकते हैं. इस योजना के शुरू होने से लेकर अब तक तकरीबन 3 लाख, 50 हजार महिलाओं और 26 हजार सेल्फ हेल्प ग्रुप्स को फायदा पहुंचा है.
व्हॉट्सएप पर बन रहे हैं शॉपिंग ग्रुप
इन दिना महिलओं के बीच व्हॉट्सएप पर शॉपिंग ग्रुप बनाकर ई-कॉमर्स से जुड़ने का सिलसिला शुरू हो गया है. ऑनलाइन शॉपिंग के व्यवसाय से जुड़ने की इच्छुक महिलाएं व्हॉट्सएप पर ग्रुप तैयार करके विभिन्न कंपनियों के प्रोडक्ट को प्रमोट करने के साथ उनकी बिक्री कर रही हैं.