कोलंबो : श्रीलंका सरकार ने कहा है कि ईस्टर के मौके पर रविवार को देश में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों की वजह से हुई विनाश की घटना कल्पना से परे थी और खुफिया जानकारी पहले मिल जाने के बावजूद देश में बड़ी संख्या में मौजूद गिरजाघरों को सुरक्षा प्रदान करना तकरीबन ‘असंभव’ था. इन हमलों में आठ भारतीयों समेत 310 लोगों की मौत हो गई है, देश के रक्षा मंत्री हेमासिरी फर्नांडो ने मंगलवार को स्थानीय मीडिया से यह बात कही.
माना जा रहा है कि सात आत्मघाती हमलावरों ने इन हमलों को अंजाम दिया. इनका संबंध स्थानीय कट्टर इस्लामिक संगठन नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) से माना जा रहा है, हालांकि किसी समूह ने सीधे इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है. फर्नांडो ने कहा कि, ‘इन हमलों की जानकारी पहले मिल जाने के बाद भी गत रविवार को इतनी अधिक संख्या में मौजूद चर्चों को सुरक्षा प्रदान करना असंभव था.’ उन्होंने संडे टाइम्स से कहा कि सरकार ने कल्पना नहीं की थी कि इतने बड़े पैमाने पर हमले को अंजाम दिया जायेगा.
फर्नांडो ने कहा कि देश की खुफिया एजेंसियों ने सरकार को पहले ही सूचित कर दिया था कि देश में एक छोटा लेकिन ताकतवर आपराधिक समूह सक्रिय है. इससे पहले इन हमलों में मारे गए लोगों की याद में देश में तीन मिनट का मौन रखा गया. इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज झुका दिये गए. यह रस्मी शोक सुबह साढ़े आठ बजे शुरू हुआ. गौरतलब है कि पहला धमाका सुबह साढ़े आठ बजे ही हुआ था.
