एक सीट पर औसतन पंद्रह उम्मीदवारों ने लड़ा था चुनाव

पटना : लोकसभा चुनाव की नामांकन प्रक्रिया आज से शुरू हो रही है. 2014 के लोकसभा चुनाव को आधार मानें तो बिहार में एक सीट पर 17.7 उम्मीदवारों ने पर्चा दाखिल किया था. हालांकि नामांकन खारिज और नाम वापस लेने के बाद चुनावी जंग में औसतन 15 उम्मीदवार ही रहे हैं. पिछले लोकसभा चुनाव में […]

पटना : लोकसभा चुनाव की नामांकन प्रक्रिया आज से शुरू हो रही है. 2014 के लोकसभा चुनाव को आधार मानें तो बिहार में एक सीट पर 17.7 उम्मीदवारों ने पर्चा दाखिल किया था.

हालांकि नामांकन खारिज और नाम वापस लेने के बाद चुनावी जंग में औसतन 15 उम्मीदवार ही रहे हैं. पिछले लोकसभा चुनाव में 709 लोगों ने नामांकन किया था.
इसमें महिलाओं की संख्या मात्र 54 थी. 73 पुरुषों और छह महिलाओं के नामांकन रद्द कर दिये गये थे. बाद में 23 लोगों ने अपना नाम वापस ले लिया था. इसमें एक महिला भी थी. 2014 में लोकसभा की 40 सीटों पर 607 ने चुनाव लड़ा था. इसमें 47 महिलाएं थीं.
मुजफ्फरपुर में थे सबसे अधिक उम्मीदवार : पिछले लोकसभा चुनाव में सबसे अधिक 29 उम्मीदवार मुजफ्फरपुर सीट पर थे. यहां पर तीस लोगों ने पर्चा दाखिल किया था. मुजफ्फरपुर, वैशाली, कटिहार, नालंदा, पाटलिपुत्र ये वो पांच संसदीय क्षेत्र रहे जिन पर बीस से अधिक उम्मीदवार थे. सासाराम, जमुई, सारण, महाराजगंज और सीवान, मधुबनी और किशनगंज में सबसे कम 10 से 11 उम्मीदवार रहे.
पिछली बार 84% की जमानत जब्त
बिहार की जनता लोकसभा चुनाव में केवल 16 फीसदी उम्मीदवारों पर ही रहम दिखा रही है. बाकी की तो जमानत जब्त करा रही है. 2014 में लोकसभा के 84 फीसदी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई थी.
मुजफ्फरपुर संसदीय क्षेत्र में सबसे अधिक 27 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई थी. महाराजगंज में सबसे कम सात, किशनगंज -जमुई में आठ मधेपुरा, समस्तीपुर, बेगूसराय और सासाराम में नौ-नौ लोगों की जमानत जब्त हुई थी.

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