कैटोविस (पोलैंड) : पेरिस में 2015 में हुए ऐतिहासिक जलवायु समझौते में जान फूंकने के लिए दुनिया भर के अनेक देशों ने करार किया है. कम से कम 200 देशों के प्रतिनिधियों ने साझा नियम पुस्तिका को अंतिम रूप दिया. इसका मकसद वैश्विक तापमान वृद्धि को दो डिग्री सेल्सियस से नीचे रखने के पेरिस समझौते के लक्ष्यों को हासिल करना है.
सीओपी24 के अध्यक्ष माइकल कुर्तिका ने कहा, ‘पेरिस समझौता कार्य योजना को एक साथ लाना बड़ी जिम्मेदारी है.’ उन्होंने कहा, ‘लंबा रास्ता तय किया है. हमने पूरा प्रयास किया है कि कोई भी पीछे नहीं छूटे.’
इससे अलग, जलवायु परिवर्तन के कारण भीषण बाढ़, सूखा और भीषण पर्यावरण स्थितियों का सामना कर रहे देशों का कहना है कि खनन गतिविधियों वाले शहर कैटोविस में जिस पैकेज पर सहमति बनी है, उसमें विश्व के लिए जरूरी उत्सर्जन में कटौती के लिए कड़ी इच्छाशक्ति का अभाव है.
विकासशील देशों के संगठन जी-77 तथा चीन वार्ता गुट के अध्यक्ष मिस्र के राजदूत वाएल एबोउएमार्जड ने कहा कि नियम पुस्तिका में विकासशील देशों के तत्काल अनुकूलन जरूरतों पर ध्यान दिया गया है.
