ऑक्सफोर्ड ने ''Toxic'' को साल का शब्द घोषित किया

लंदन : ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी ने ‘टॉक्सिक’ को साल का शब्द घोषित किया है. इसके अनुसार यह शब्द 2018 में उपजे हालात, मिजाज और भावना आदि को प्रदर्शित करता है. ऑक्सफोर्ड अंग्रेजी शब्दकोश ने एक बयान में कहा कि ‘ऑक्सफोर्ड ईयर ऑफ द वर्ड’ ऐसा शब्द या अभिव्यक्ति है जो सांस्कृतिक महत्व की दृष्टि से अहमियत […]

लंदन : ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी ने ‘टॉक्सिक’ को साल का शब्द घोषित किया है. इसके अनुसार यह शब्द 2018 में उपजे हालात, मिजाज और भावना आदि को प्रदर्शित करता है.

ऑक्सफोर्ड अंग्रेजी शब्दकोश ने एक बयान में कहा कि ‘ऑक्सफोर्ड ईयर ऑफ द वर्ड’ ऐसा शब्द या अभिव्यक्ति है जो सांस्कृतिक महत्व की दृष्टि से अहमियत रखता हो. साल के शब्द के लिए जिन शब्दों की सूची तैयार की गयी थी, उनमें ‘टॉक्सिक’ के अलावा ‘गैसलाइटिंग’, ‘इनसेल’ और ‘टेकलैश’ शब्द शामिल थे. इनमें से ‘टॉक्सिक’ का चयन किया गया. आंकड़े बताते हैं कि इस साल ‘टॉक्सिक’ के साथ ‘केमिकल’ और ‘मैस्कुलिनिटी’ शब्द का भी खूब इस्तेमाल हुआ. बयान के अनुसार, ‘मी टू’ अभियान में ‘टॉक्सिक मैस्कुलिनिटी’ का इस्तेमाल हुआ.

अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरने वाली ब्रेट कावानाह सीनेट न्यायिक समिति की सुनवाई जैसी साल की कुछ सबसे चर्चित घटनाओं में भी ‘टॉक्सिक मैस्कुलिनिटी’ का प्रयोग हुआ. इस शब्द ने जनमानस में गहरे तक असर डाला और 2018 में लोगों ने इस पर खूब चर्चा की. ‘टॉक्सिक’ विशेषण का इस्तेमाल ‘जहरीला’ के संदर्भ में होता है और अंग्रेजी में पहली बार इस शब्द का प्रयोग 17वीं सदी के मध्य में हुआ था, जो मध्ययुगीन लातिन शब्द ‘टॉक्सिकस’ से आया था. इसका अर्थ ‘जहर’ या ‘जहर से भरा’ होता है.

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