वाशिंगटन : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज एक बड़ाकदम उठाते हुए रेक्स टिलरसन को विदेश मंत्री पद से हटा दिया. टिलरसन की जगह विदेश मंत्रीकापद अमेरिका खुफिया एजेंसी सीआइए के प्रमुख माइक पोम्पो संभालेंगे. डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया को दिये अपने बयान में कहा है कि माइक पोम्पो नये विदेश मंत्री के रूप में शानदार काम करेंगे. उन्होंने रेक्स टिलरसन को उनके कामकाज के लिए धन्यवाद दिया है. ट्रंप ने यह भी कहा है कि सीआइए के नये डायरेक्टर के रूप मेंगिना हास्पेल जिम्मेवारी संभालेंगी. गिना हास्पेल सीआइए का प्रमुख का दायित्व संभालने वाली पहली महिला होंगी.
65 वर्षीय रेक्स टिलरसन दुनिया की बड़ी कंपनियों में एक एक्सॉन के मुख्य कार्यकारी हैं. वे ट्रंप के पुराने मित्र व करीबी रहे हैं, जिन्हें ट्रंप ने अपनी सरकार में दूसरा सबसे शक्तिशाली पद दिया था. अमेरिका में विदेश मंत्री के पद को राष्ट्रपति के बाद सबसे ताकतवर पद माना जाता है. ट्रंप ने आज जैसे ही टिलरसन को पद से हटाने और उनकी जगह सीआइए चीफ को लाने का एलान किया अमेरिका शेयर बाजार का फ्यूचर इंडेक्स ने उछाल मारा.
दरअसल, ट्रंप पिछले दिनों कई मौकों पर टिलरसन की कूटनीतिक पहल को खारिज करते या ऐसा फैसला लेते दिखे जिसमें उनकी भूमिका नहीं थी. इससे यह भी अहसास हुआ कि अमेरिकी प्रशासन के दोनों शीर्ष लोगों की बीच असहमतियां उत्पन्न हो गयी हैं. टिलरसन ट्रंप की उस घोषणा की पूरी प्रक्रिया से भी बाहर थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे उत्तर कोरिया के नेता से मिलने के लिए तैयार हैं और ऐसा करने वाले वे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति होंगे.
विदेश मंत्री के रूप में टिलरसन का आज आखिरी अहम बयान रूस के संबंध में आया था, जिसमें उन्होंने रूस पर बेहद गंभीर आरोप लगाये. विदेश मंत्री के रूप में टिलरसन के इस आखिरी बयान को आप नीचे पढ़ सकते हैं.
रूस दुनिया में अस्थिरता फैलाने वाली गैर जिम्मेदार ताकत : टिलरसन
वाशिंगटन: अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने आज रूस को दुनिया में अस्थिरता फैलाने वाली एक गैरजिम्मेदार ताकत बताया और ब्रिटेन में पूर्व जासूस और उसकी बेटी पर जहर से हमला करने में कथित संलिप्तता पर उसकी आलोचना की. रूस के पूर्व जासूस सर्जेइ स्क्रीपल(66) और बेटी यूलिया(33) को पिछले हफ्ते जहर दिया गया था. इसी पदार्थ की चपेट में एक पुलिस कर्मी भी आ गया था. तीनों की हालत गंभीर है. ब्रिटिश प्रधानमंत्री टेरीजा मे ने कल कहा था कि इस बात की‘‘ प्रबल संभावना’ है कि स्क्रीपल पर जहर से हमला करने के पीछे रूस हो सकता है. उसने ब्रिटेन की विदेशी खुफिया एजेंसी के लिए काम किया था. रूस ने इन आरोपों का खंडन किया है.
टिलरसन ने कहा अमेरिका ब्रिटेन के साथ एकजुटता से खड़ा रहेगा और हमले को लेकर अपनी प्रतिक्रिया का समन्वय करेगा. उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘ हमें ब्रिटेन की जांच और उसके इस आकलन पर पूरा यकीन है कि पिछले हफ्ते सैलिसबरी में जहर से किए गए हमले के पीछे रूस हो सकता है.’ टिलरसन ने कहा कि ऐसे हमले का कोई स्पष्टीकरण नहीं हो सकता है. यह एक संप्रभु राष्ट्र की जमीन पर एक नागरिक की हत्या की कोशिश है.
अमेरिका इस बात को लेकर स्तब्ध है कि रूस एक बार फिर से ऐसे व्यवहार में शामिल होता प्रतीत हो रहा है. उन्होंने कहा कि यूक्रेन से लेकर सीरिया और अब ब्रिटेन तक रूस खुले तौर पर अन्य राष्ट्रों की संप्रभुता और उनके नागरिकों की जिंदगियों का अनादर कर रहा है. अफ्रीका की यात्रा कर रहे टिलरसन ने कहा कि हम सहमत हैं कि जुर्म को अंजाम देने वाले और इसका आदेश देने वालोंदोनों को उचित रूप से गंभीर परिणामों का सामना करना पड़े. हम अपने सहयोगी ब्रिटेन के साथ एकजुटता से खड़े हैं और अपनी प्रतिक्रिया का नजदीक से समवन्य करना जारी रखेंगे.
व्हाइट हाउस ने रसायन हमले की निंदा करते हुए इसे‘ स्तब्ध’ करने वाला बताया. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ हम अपने सहयोगी ब्रिटेन के साथ खड़े हैं.’ सारा ने कहा कि अमेरिका घटना पर नजदीक से नजर रख रहा है और यह बहुत गंभीर है. ब्रिटेन की धरती पर ब्रिटेन के नागरिक पर जहर से हमला करना हैरान करने वाला है. उन्होंने कहा कि हमला अविचारी, अविवेकी और गैरजिम्मेदाराना है. हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं. हम पीड़ित, उनके परिवार के साथ हमदर्दी जाहिर करते हैं और ब्रिटेन सरकार को समर्थन देते हैं. हम अपने सबसे करीबी सहयोगी के साथ खड़े हैं, जिसके साथ हमारे खास रिश्ते हैं. दूसरी ओर एएफपी की खबर के मुताबिक रूस ने ब्रिटेन पर फुटबॉल विश्व कप से पहले‘ विश्वास की कमी’ पैदा करने का आरोप लगाया.
