डोकलाम में पीछे हटने के बाद चीन अब कैलाश मानसरोवर यात्रा पर बातचीत के लिए तैयार
बीजिंग : चीन ने आज कहा कि वह फिलहाल ब्रह्मपुत्र नदी का जलीय आकंड़ा भारत के साथ साझा नहीं कर सकता क्योंकि तिब्बत में आंकड़ा संग्रहण केंद्र को अद्यतन किया जा रहा है. हालांकि उसने यह कहा कि वह तिब्बत में कैलाश और मानसरोवर आ रहे भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए सिक्किम में वास्ते नाथुला को […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
बीजिंग : चीन ने आज कहा कि वह फिलहाल ब्रह्मपुत्र नदी का जलीय आकंड़ा भारत के साथ साझा नहीं कर सकता क्योंकि तिब्बत में आंकड़ा संग्रहण केंद्र को अद्यतन किया जा रहा है. हालांकि उसने यह कहा कि वह तिब्बत में कैलाश और मानसरोवर आ रहे भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए सिक्किम में वास्ते नाथुला को फिर से खोलने के वास्ते भारत से संवाद जारी रखने को तैयार है.
डोकलाम विवाद के चलते मध्य जून में यह बातचीत बंद दी गयी थी. चीन के विदेश मंत्री के प्रवक्ता गेंग सुआंग ने यहां मीडियाकर्मियों से कहा, लंबे समय तक हमने भारतीय पक्ष के साथ नदी आंकड़े पर सहयोग किया. लेकिन चीन में संबंधित स्टेशन को अद्यतन करने को लेकर फिलहाल हम इस स्थिति में नहीं हैं कि नदी के प्रासंगिक आंकड़े जुटा पाएं. जब उनसे पूछा गया कि कब चीन आंकड़े देगा, जो डोकलाम विवाद के कारण कथित रुप से देना बंद कर दिया गया था, उन्होंने कहा, हम इसपर बाद में विचार करेंगे.
जब उनसे यह पूछा गया कि क्या भारत को जलीय आंकड़ा साझा नहीं करने के बारे में सूचना दी गयी है, उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी के हिसाब से भारतीय पक्ष इससे वाकिफ है. अठारह अगस्त को भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा था कि पहले से ही, 2006 में स्थापित विशेषज्ञ स्तरीय प्रणाली है और दो ऐसे सहमति ज्ञापन हैं जिसके तहत चीन से 15 मई-15 जून के बाढ़ के सीजन के दौरान सतलुज और ब्रह्मपुत्र नदियों पर जलीय आंकड़े साझा करने की उम्मीद की जाती है. कुमार ने कहा था, इस साल हमें चीनी पक्ष से कोई जलीय आंकड़े नहीं मिले.