इस्लामाबाद: पाकिस्तान में आज एक आतंकवाद निरोधक अदालत ने करीब एक दशक पुराने बेनजीर भुट्टो हत्याकांड मामले में फैसला सुनाया.इसमामले में अदालत ने पांच कोरिहाकरदियाव दो को कारावास की सजा सुनायी. वहीं, पूर्व पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को भगोड़ा घोषित कर दिया. बेनजीर की हत्या के वक्त परवेज मुशर्रफ पाकिस्तान के राष्ट्रपति थे.
आतंकवाद विरोधी अदालत के न्यायाधीश असगर खान ने आज इस मामले में फैसला सुनाया. अदालत में रावलपिंडी के पूर्व सीपीओ सउद अजीत और रावल टाउन के पूर्व पुलिस अधीक्षक खुर्म शहजाद मौजूद थे. अजीज और शहजाद को 17 साल जेल की सजा सुनाई गयी. अदालत ने उन्हें पांच-पांच लाख रुपये का जुर्माना अदा करने का भी निर्देश दिया.
अदालत ने पांच अन्य आरोपियों को बरी कर दिया और मुशर्रफ को भगोड़ा घोषित किया. उनकी संपत्ति जब्त करने का भी आदेश दिया गया है. जब बेनजीर की हत्या की गयी थी तब परवेज मुशर्फ पाकिस्तान के राष्ट्रपति थे और वह भी बेनजीर मामले में एक आरोपी थे. पांचों संदिग्धों के खिलाफ मुख्य सुनवाई जनवरी 2008 में शुरू हुई जबकि मुशर्रफ, अजीज तथा शहजाद के खिलाफ सुनवाई फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की नयी जांच के बाद 2009 मेंशुरू की गयी. इस अवधि में आठ अलग अलग न्यायाधीशों ने मामले की सुनवाई की जिन्हें विभिन्न कारणों से बदला भी गया.
दो बार पाकिस्तान की प्रधानमंत्री रह चुकीं बेनजीर भुट्टो की 27 दिसंबर 2007 में रावलपिंडी में नृशंस हत्या कर दी गयीथी. हत्या के तत्काल बाद मामला दर्ज किया गया था जिसकी सुनवाई कल रावलपिंडी में खत्म हुई. सुनवाई के दौरान कई उतार चढ़ाव आए.
ध्यान रहे कि एटीसी के जज असगर अली खान ने अदियाला जेल में मामले की सोमवार से दिन प्रतिदिन सुनवाई की तथा अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. जब बेनजीर की हत्या कीगयी थी तब परवेज मुशर्फ पाकिस्तान के राष्ट्रपति थे और वह भी बेनजीर मामले में एक आरोपी हैं. उनके पाकिस्तान लौटने पर उनके खिलाफ सुनवाई अलग से होगी. बेनजीर की हत्या के बाद गिरफ्तार किए गए पांचों संदिग्ध रफाकत हुसैन, हसनैन गुल, शेर जमान, ऐतजाज शाह और अब्दुल राशिद जेल में अबतक हैं.
