अमेरिकी संसद में स्टेट एंड फॉरन ऑपरेशन्स अप्रोप्रिएशन बिल-2018 ध्वनिमत से पारित
वाशिंगटन : अमेरिकी संसद के एक पैनल ने पाकिस्तान पर अमेरिकी सहायता प्राप्त करने के लिए कड़ी शर्त लगाने के पक्ष में मतदान किया और आतंकवादी गुटों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रहने की सूरत में उस सहायता को निलंबित करने का अधिकार विदेश मंत्री को दिया है.
हाउस अप्रोप्रिएशंस कमेटी ने बुधवार को स्टेट एंड फॉरन ऑपरेशन्स अप्रोप्रिएशन बिल 2018 को ध्वनिमत से पारित कर दिया जिसमें पाकिस्तान पर आतंकवादी गुटों के खिलाफ कारवाई करने की शर्त के साथ ही रेक्स टिलरसन की मंजूरी से ही पाकिस्तान को अमेरिकी सहायता जारी करने की बात कही गयी है.
इस विधेयक को विचार के लिए प्रतिनिधि सभा भेजा गया है. विधेयक में विदेश मंत्री को यह प्रमाणित करने को कहा गया है कि पाकिस्तान हक्कानी नेटवर्क, क्वेटा शूरा तालिबान, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, अलकायदा तथा अन्य के खिलाफ कार्रवाई में अमेरिका को सहयोग दे रहा है. साथ ही इन आतंकवादी गुटों के पाकिस्तान में अड्डे बनाने से रोकने तथा वहीं से अपने देश में तथा पड़ोसी मुल्कों में आतंकवादी हमले करनेवालों को रोकने के लिए पाकिस्तान ने प्रभावी कदम उठाए हैं कि नहीं. विधेयक में यह भी कहा गया है कि अगर पाकिस्तान इन शर्तों को पूरा करने में नकाम होता है तो विदेश मंत्री को ‘सहायता निलंबित’ कर देनी चाहिए.
