प्रकृति पूजा और भाई बहन के बीच अटूट बंधन का प्रतीक है करमा पर्व

इस साल करमा पर्व 29 अगस्त को मनाया जा रहा है. करमा पर्व आदिवासियों और प्रकृति के बीच अटूट संबंध का प्रतीक है. करमा पूजा प्रकृति को पूजने की ही परंपरा है. इस समय खेतों में फसल लहलहा जाती है. बीज अंकुरित होते हैं. चारों तरफ हरियाली होती है. इसी हरियाली का उत्सव मनाने का पर्व है करमा. झारखंड में करमा पर्व मुख्य रूप से मुंडा, उरांव और संताल आदिवासियों में प्रचलित है. आमतौर पर करमा पूजा कुंवारी लड़कियों द्वारा किया जाता है.

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By ArvindKumar Singh

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