क्रिप्टोकरेंसी में कमाई पर लगेगा 30 प्रतिशत टैक्स, जानें निवेश से जुड़ी सभी अहम बातें

देश में क्रिप्टोकरेंसी का भविष्य क्या है ? देश का बजट आने के बाद क्रिप्टोकरेंसी का बाजार बूम पकड़ रहा है. बिटक्वाइन में 2.40 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया है इसके दाम 71,981 तक बढ़ गये हैं. इथेरियम में भी जबरदस्त उछाल देखा गया.

देश में क्रिप्टोकरेंसी का भविष्य क्या है ? देश का बजट आने के बाद क्रिप्टोकरेंसी का बाजार बूम पकड़ रहा है. बिटक्वाइन में 2.40 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया है इसके दाम 71,981 तक बढ़ गये हैं. इथेरियम में भी जबरदस्त उछाल देखा गया/ इथेरियम में जहां 7.26 प्रतिशत का उछाल हुआ। तो वहीं इसके दाम 14,811 की बढ़ोतरी हुई.

30 फीसदी का टैक्स लगाने का फैसला

इस बढ़ोतरी को आप किस तरह देख सकते हैं. यह समझना आपके लिए जरूरी है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में क्रिप्टोकरेंसी के लेन-देन में क्रिप्टो से होने वाली आय पर 30 फीसदी का टैक्स लगाने का फैसला कर दिया. वर्चुअल डिजिटल असेट्स के किसी भी प्रॉपर्टी के ट्रांसफर पर 30 फीसदी टैक्स लगेगा. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) इस साल डिजिटल करेंसी लॉन्च करेगी. यह ब्लॉक चेन आधारित करेंसी होगी. ब्लॉक चेन और अन्य टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए डिजिटल करेंसी जारी होगी.

अब सवाल है कि क्रप्टोकरेंसी में निवेश सुरक्षित है या नहीं

अब सवाल है कि क्रप्टोकरेंसी में निवेश सुरक्षित है या नहीं, क्रिप्टोकरेंसी के इस्तेमाल को लेकर प्रधानमंत्री और रिजर्व बैंक (RBI) अपनी चिंता जाहिर कर चुके है. बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) को रेगुलेट करने के लिए सरकार नपा-तुला रुख अपनाएगी. क्रिप्टोकरेंसी का बड़ा असर देश की वित्तीय स्थिरता पर देखा जा सकता है, इसलिए सरकार इसे लेकर सधा हुआ कदम बढ़ाएगी. यह बात देश के प्रधान आर्थिक सलाहकार संजीव सान्याल ने कही जाहिर है सरकार इसे लेकर रणनीति तैयार कर रही है. आर्थिक सर्वेक्षण 2021-22 में क्रिप्टोकरेंसी के मुद्दे को कवर नहीं किया गया है.

नवंबर महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्रिप्टोकरेंसी पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की थी. बैठक के बाद कयास लगाए गए कि इस मामले में सरकार कोई सख्त कानून और रेगुलेशन जारी कर सकती है लेकिन इसे लेकर अबतक कोई ठोस कानून नहीं आया है.

क्या है क्रिप्टोकरेंसी

देश में पिछले कुछ वर्षों से क्रिप्टोकरेंसी को लेकर निवेशकों में काफी उत्साह भी है. इसका मुख्य कारण यह है कि इसमें जोखिम रहने के बावजूद तेजी से रिटर्न मिलता है. हर देश की मुद्रा अलग-अलग नाम से जानी जाती है, जैसे भारत में रुपया, अमेरिका में डॉलर, यूरोपीय देशों में यूरो, सउदी अरब में रियाल, जापान में येन आदि. उसी तरह क्रिप्टोकरेंसी भी एक तरह की मुद्रा है, लेकिन यह बाकी सभी मुद्राओं से बिलकुल अलग है. यह एक ऐसी मुद्रा है जिसे आप देख या छू नहीं सकते हैं. यानी यह एक डिजिटल करेंसी (डिजिटल मुद्रा) है.

इसे आप अपने पर्स या पॉकेट में नहीं रख सकते

इसे आप अपने पर्स या पॉकेट में नहीं रख सकते बल्कि अपने पास डिजिटल स्वरूप में रख सकते हैं, वह भी ऑनलाइन. इसका मुद्रण नहीं किया जाता है. यह कंप्यूटर एल्गोरिद्म पर बनी होती है. इसका कोई रेगुलेटर नहीं होता यानी इसको कोई कंट्रोल नहीं करता है.इसका इस्तेमाल अन्य करेंसी की तरह वस्तुओ और सर्विसेज को खरीदने के लिए किया जा सकता है, सिर्फ ऑनलाइन तरीके से.

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By Prabhat khabar digital desk

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