बंगाल में आयुष चिकित्सा के विस्तार पर जोर दे रही राज्य सरकार
पश्चिम बंगाल में आयुष चिकित्सा पद्धति के विस्तार के लिए राज्य सरकार गंभीर दिख रही है. राज्य स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, नेशनल आयुष मिशन के तहत के वित्त वर्ष 2014 से 2023 के बीच 20716.609 लाख रुपये का अनुमोदन मिला है. इसमें से केंद्र ने 12912.915 लाख और राज्य ने 7803.694 रुपये अनुमोदित किये हैं. अनुमोदित राशि का सौ फीसदी खर्च किया गया है. वहीं, वित्त वर्ष 2023-24 में नेशनल आयुष मिशन के तहत कुल 11265.240 राशि का अनुमोदन मिला है. इसमें केंद्र का 6759.144 लाख और राज्य का 4506.096 लाख का योगदान रहा. ज्ञात हो कि केंद्र व राज्य सरकार के संयुक्त प्रयास से राज्य में आयुर्वेद समेत आयुष चिकित्सा पद्धति का विकास हो रहा है. बता दे कि आयुर्वेद, होमियोपैथी, यूनानी, योगा, प्राकृतिक चिकित्सा और सिद्ध को संक्षिप्त में आयुष कहा जाता है. राज्य में 2014 से पहले आयुष का विस्तार इस तरह से नहीं हुआ था. राज्य में इससे पहले होमियोपैथ को लेकर लोकप्रियता देखने को मिलती थी. पर अब आयुर्वेद के विकास पर भी जोर दिया जा रहा है.