रांची में पहली बार आने वाला है Vistadome Coach, जानें इसकी खासियत

What are Vistadome Coaches know its feature: विस्टाडोमे कोच अधिकतर उन रेलगाड़ियों में लगाए जाते हैं, जिनका रूट पहाड़ी क्षेत्र का मनोरम दृश्य प्रदान करता है. 12 सितंबर को न्यू गिरीडीह-रांची स्पेशल ट्रेन का उद्घाटन होगा और यह एक विस्टाडोम कोच के साथ रांची पहुंचेगी.

Vistadome Coach first time in Jharkhand, What are Vistadome Coaches know its feature: अब झारखंड में पर्यटक ट्रेन में सफर के दौरान शानदार नजारों का लुत्फ भी उठा सकेंगे. पहली बार विस्टाडोम कोच आ रहा है जो न्यू गिरिडीह-रांची इंटरसिटी एक्सप्रेस होगा. गिरिडीह-रांची नई स्पेशल ट्रेन 12 सितंबर से शुरू हो रही है. यह एक बेहद खूबसूरत और भव्य कोच होगा जो यात्रियों के लिए कई नई सुविधाएं लेकर आएगा. ट्रेन को सुबह 10 बजे गिरिडीह से हरी झंडी दिखायी जायेगी.

विस्टाडोम का हिंदी में मतलब (Vistadome meaning in Hindi)

विस्टाडोम दो शब्दों से बना है विस्टा और डोम. विस्टा का अर्थ होता है (Vista meaning in hindi) परिदृश्य और डोम का अर्थ गुम्बद आकार से है. यानि यहाँ पर विस्टाडोम का मतलब हुआ डोम आकार की रेलगाड़ी से परिदृश्य प्राप्त करना.

विस्टाडोम कोच क्या होते हैं (What are Vistadome Coaches)

विस्टाडोम कोच एक प्रकार के टूरिस्ट कोच होते हैं जिनकी ग्लास की खिड़कियां बड़ी होती हैं और साथ ही इसमें छत पर भी शीशे की पारदर्शी खिड़कियां लगी होती हैं. इसमें यात्रा करते समय यात्री को साइड के साथ ऊपर की तरफ का दृश्य भी प्राप्त होता है. विस्टाडोम कोच को यात्रियों को यात्रा की सुविधा प्रदान करने और उनके परिवेश को देखने का एक बेहतर अनुभव प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है.

कितना लगता है टिकट किराया

भारतीय रेलवे के सर्कुलर (6 सितंबर 2021) के अनुसार विस्टाडोम एसी कोचों का मूल किराया शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेनों के एक्जीक्यूटिव कैटेगरी के मूल किराए का 1.1 गुना है. विस्टाडोम कोच के किराए में कोई रियायत नहीं है और सभी यात्रियों से पूरा किराया लिया जाता है. मिनिमम चार्जेबल डिस्टेंस 50 किमी है. विस्टाडोम कोचों में, नॉर्मल चाइल्ड फेयर नियम लागू होते हैं. एक्जीक्यूटिव क्लास के लिए लागू नॉर्मल कैंसलेशन और रिफंड रूल विस्टाडोम कोचों के लिए भी लागू होते हैं. विस्टाडोम कोचों को भारतीय रेलवे द्वारा भारत के ट्रेन नेटवर्क के अलग-अलग सेक्शन में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पेश किया गया था. विस्टाडोम कोच उन ट्रेनों से अटैच हैं जो विभिन्न पर्यटन स्थलों को जोड़ती हैं. यात्रियों के लिए कोचों में सभी आधुनिक सुविधाएं हैं.

विस्टाडोम ट्रेन भारत में कहां चलती है?

अब तक तो आप समझ ही गए होंगे कि यह ट्रेन भारतीय मनोरम दृश्य से रूबरू करवाने के लिए चलती हैं. अगर विस्टाडोम ट्रेन रूट के बारे में जिक्र करें ये कई रूट पर चलती है.

आपको बता दें कि विस्टाडोम ट्रेन/कोच दादर और मडगांव, कश्मीर वैली, अराकू वैली, जीरो वैली, कांगड़ा वैली, माथेरान वैली, दार्जीलिंग हिमालयन रेलवे, कालका शिमला रेलवे, नीलगिरि माउंटेन और मुंबई-गोवा मार्ग, मंगलुरु-बेंगलुरु जैसे शहरों में चलती हैं.

नए विस्टाडोम कोच की विशेषता (Vistadome Features)

  • विस्टाडोम की सीट यात्री आराम के लिए एयर स्प्रिंग सस्पेंशन से लैस है.

  • इसके एक छोर पर एक बड़ी खिड़की के साथ ऑब्जर्वेटरी लाउन्ज है.

  • विस्टाडोम कोच में दोनों तरफ बड़ी ग्लास की खिड़कियां हैं, इसी के साथ यात्रियों के लिए मनोरम दृश्य प्राप्त करने के लिए डोम आकार की पारदर्शी छत है.

  • विस्टाडोम कोच में सीट के साथ आर्मरेस्ट के नीचे प्रत्येक यात्री के लिए मोबाइल चार्जिंग सॉकेट दिया गया है.

  • इस कोच में डिजिटल डिस्प्ले स्क्रीन के साथ-साथ, म्यूजिक लवर के लिए एंटरटेनमेंट सिस्टम और स्पीकर लगे हैं.

  • विस्टाडोम कोच में एंट्रेंस के लिए बड़े दरवाजे के साथ आटोमेटिक स्लाइडिंग कम्पार्टमेंट दरवाजे हैं.

  • विस्टाडोम पर्यटक कोच सीसीटीवी से लैस होने के साथ जीपीएस पर आधारित सार्वजानिक पता सह-यात्री सुचना प्रणाली से भी जुड़े हुए हैं.

  • विस्टाडोम में यात्री क्षेत्र से बाहर, जिससे टूरिस्ट को सामान की वजह से बाहर के मनोरम दृश्य देखने में कोई परेशानी ना हो, स्टेनलेस स्टील के बने बहु-स्तरीय सामान रैक बने हैं.

  • इसमें यात्रियों को जलपान प्रदान करने के लिए मिनी-पैंट्री के साथ सेवा क्षेत्र मौजूद हैं जहाँ पर रेफ्रीजिरेटर, माइक्रोवेव ओवन, कॉफ़ी मेकर, हॉट केस, वाश बेसिन आदि सर्विस दी गई हैं.

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लेखक के बारे में

Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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