उत्तराखंडः पहाड़ों पर फार्म हाउस खरीदने का ख्वाब नहीं होगा पूरा, जानिए सरकार ने क्या बनाई व्यवस्था

उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के लिए नया भू- कानून तैयार करने के लिए राज्य सरकार की ओर से प्रारूप समिति गठित कर उसे जल्द मसौदा तैयार करने को कहा है. सीएम धामी ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है अगले आदेश तक राज्य के बाहर के लोगों को जमीन खरीदने की अनुमति न दें.

Uttrakhand News: उत्तराखंड में अब कृषि और बागवानी के लिए जमीन खरीदने पर रोक लगा दी गई है. प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद यह फैसला किया है. हालांकि यह रोक फिलहाल के लिए लगाया गया है. दरअसल, नए भूमि कानून को लेकर सीएम धानी की ओर से गठित पांच सदस्यीय समिति की अंतिम रिपोर्ट सौंपने तक राज्य में बाहरी लोगों के जमीन खरीदने पर रोक लगी है. सरकार ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि राज्य से बाहर के लोगों को कृषि एवं उद्यान के लिए जमीन खरीदने के प्रस्ताव में अनुमति नहीं दें.

अगले आदेश तक न दें जमीन खरीदने की अनुमति
उच्चस्तरीय बैठक में सीएम धामी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि भू-कानून के लिए बनाई गई समिति की ओर से बड़े पैमाने पर जनसुनवाई का आयोजन किया जाये. उन्होंने कहा कि इस काम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों और विशेषज्ञों की राय भी ली जाय. साथ ही उन्होंने सभी जिलों के डीएम को निर्देश दिया है कि अगले आदेश तक वे कृषि और बागवानी कामों के लिए राज्य के बाहर के लोगों को जमीन खरीदने की अनुमति न दें. धामी सरकार का कहना है कि यह सभी फैसले राज्य के लोगों की हित को देखते हुए लिए जा रहे हैं.

गौरतलब है कि उत्तराखंड के लिए नया भू-कानून तैयार करने के लिए राज्य सरकार की ओर से प्रारूप समिति का गठन किया गया है. इसी कड़ी में सीएम धामी ने निर्देश दिया है कि मसौदा जल्द से जल्द बनाया जाए. बता दें, उत्तराखंड सरकार का यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब कड़े भू-कानून और मूल निवास के मुद्दे को लेकर प्रदेश भर में लोग आंदोलन कर रहे हैं तथा इस संबंध में 1950 को कट ऑफ तारीख माने जाने की मांग कर रहे हैं. भाषा इनपुट के साथ

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Author: Pritish Sahay

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