UP Police Constable Exam : पुलिस भर्ती बोर्ड को मिली पेपर लीक की डेढ़ हजार शिकायतें, विपक्ष ने प्रदेश सरकार पर जमकर साधा निशाना

UP Police Constable Exam : डीजी पुलिस भर्ती बोर्ड रेणुका मिश्रा ने बताया कि यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा/ कांस्टेबल परीक्षा पेपर लीक मामले में लगभग डेढ़ हज़ार शिकायतें मिली हैं.

UP Police Constable Exam : यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती के लिए आयोजित लिखित परीक्षा में पेपर लीक को लेकर अभ्यर्थियों में आक्रोश है. प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए हजारों की संख्या में अभ्यर्थी लखनऊ के ईको गार्डन में जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया. प्रदर्शन में 10 से 12 हजार अभ्यर्थी शामिल हैं. वे हाथों में तख्तियां लेकर पहुंचे हैं.जिसपर तरह-तरह के स्लोगन लिखे हैं. प्रदर्शन बढ़ता देख प्रशासन भी सतर्क हो गया. पूरे गार्डन में PAC तैनात है. इस मामले में डीजी पुलिस भर्ती बोर्ड रेणुका मिश्रा का ताजा बयान सामने आया है. उन्होंने बताया कि यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा/ कांस्टेबल परीक्षा पेपर लीक मामले में लगभग डेढ़ हज़ार शिकायतें मिली हैं. भर्ती बोर्ड ने शुक्रवार की शाम 6:00 बजे तक अभ्यर्थियों की शिकायतों को लेकर प्रत्यावेदन मांगे थे, लगभग डेढ़ हजार शिकायतें ऑनलाइन जमा कराई गई हैं. वहीं कांस्टेबल भर्ती के लिए 18 फरवरी को आयोजित परीक्षा के दौरान लखनऊ के कृष्णानगर स्थित एक स्कूल में परीक्षार्थी सत्य अमन कुमार के पास मिली सवालों के जवाब की पर्ची से पेपर लीक होने की आशंका जताई जा रही है. एफआईआर दर्ज कराने वाले इंस्पेक्टर ने भी तहरीर में सुनियोजित तरीके से पेपर लीक होने की बात लिखी है. वहीं परीक्षार्थी को सवालों के जवाब व्हाट्सएप पर भेजने वाले आरोपी नीरज को अब तक पुलिस नहीं पकड़ सकी है. आरोपी नीरज को प्रश्नों की जानकारी कहां से मिली, यह अहम सवाल अभी तक अनसुलझा है. बता दें कि कृष्णानगर के अलीनगर सुनहरा स्थित सिटी मॉडर्न एकेडमी स्कूल में 18 फरवरी को दूसरी पाली में पुलिस भर्ती परीक्षा हो रही थी. इंस्पेक्टर रामबाबू, सिंचाई विभाग के जेई व स्टेटिक मजिस्ट्रेट अम्बरीश कुमार वर्मा, लोक निर्माण विभाग के जई व स्टेटिक मजिस्ट्रेट सौरभ यादव और केंद्र व्यवस्थापक प्रियंका सोनी ड्यूटी पर थीं. तभी शाम 4:55 बजे कक्ष संख्या 24 की निरीक्षक वंदना कनौजिया और विश्वनाथ सिंह ने सूचना दी कि परीक्षार्थी सत्य अमन कुमार पर्ची से नकल कर ओएमआर शीट भर रहा है. जब अभ्यर्थी की तलाशी ली गई तो उसके पास से विभिन्न सवालों की पर्चियां बरामद हुईं. सख्ती से पूछताछ में सत्य अमन ने बताया कि उसे 12.00 बजे के आसपास ही दोस्त नीरज ने व्हाट्सएप पर सवालों के जवाब भेजे थे. जिसके बाद उसने पर्ची में सभी जवाब लिख लिए थे. इसी पर्ची से वह नकल कर रहा था.

केस दर्ज है, जांच की जा रही है- एडीसीपी साउथ शशांक सिंह

इंस्पेक्टर रामबाबू के मुताबिक जब परीक्षा केंद्र के स्ट्रॉन्ग रूम में रखा अभ्यर्थी का मोबाइल चेक किया गया तो उसके व्हाट्सएप पर दोपहर 12: 56 बजे नीरज के नंबर से हाथ से लिखे गए उत्तर भेजे गए थे. इनका मिलान परीक्षा केंद्र पर बांटे गए प्रश्नपत्र से करने पर पता चला कि व्हाट्सएप पर भेजे गए सभी उत्तर प्रश्नपत्र से मेल खा रहे हैं. दिन में भेजे गए उत्तर, शाम की पाली के प्रश्नों के क्रमांक संख्या से तो अलग-अलग थे, लेकिन सभी प्रश्नों के उत्तर से मिल रहे थे. एफआईआर में भी इस बात का साफ जिक्र किया गया था कि 18 फरवरी की दूसरी पाली में हुई परीक्षा का यह पेपर सुनियोजित तरीके से लीक किया गया है. इंस्पेक्टर रामबाबू की तहरीर पर कृष्णानगर थाने में 19 फरवरी को परीक्षार्थी सत्य अमन कुमार और नीरज के खिलाफ केस दर्ज किया गया था. पुलिस ने सत्य अमन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, पर अब तक नीरज की गिरफ्तारी नहीं हो सकी. नीरज के पकड़े जाने के बाद ही स्थिति साफ होगी. इस मामले में एडीसीपी साउथ शशांक सिंह का कहना है कि केस दर्ज है. जांच की जा रही है. जो भी साक्ष्य मिलेंगे, उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी.

विपक्ष ने प्रदेश सरकार को जमकर घेरा

इको गार्डन पहुंचीं अपना दल (कमेरावादी) नेता पल्लवी पटेल ने कहा कि ये प्रदेश के नौजवान, युवा के वर्तमान और भविष्य को खत्म करने की सरकार में बैठे लोगों की साजिश है. पिछले 7 साल के कार्यकाल में यह पहली घटना नहीं है. शुरुआता में कभी भी सरकार ने माना ही नहीं कि पेपर लीक हुआ है. ऐसे ही जब प्रेशर पड़ा है तभी सरकार मानती है कि पेपर लीक हुआ है. पेपर लीक जैसी घटना से युवाओं का भविष्य खत्म हो रहा है. मैं यहां अभ्यर्थियों से मिली और मैंने उनसे कहा कि मैं पूरी ताकत से सड़क से लेकर सदन तक उनकी मांगों का समर्थन करूंगी. वहीं कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने अपने एक्स एकाउंट पर लिखा कि बस एक बार सोच कर देखिए- 50 लाख से अधिक युवाओं ने फॉर्म भरा. ये प्रदेश के इतिहास की सबसे बड़ी परीक्षा थी. 400 रुपए का एक फॉर्म था. 48 लाख एडमिट कॉर्ड जारी हुए. और परीक्षा के पहले पेपर लीक हो गया. क्या बीत रही होगी बच्चों पर? उनके परिवारों पर? ऐसा ही RO Exam में हुआ. पेपर लीक हो गया. यूपी के एक-एक गांव में यह चर्चा हो रही है. सरकार सो रही है. लड़के-लड़कियां इलाहाबाद, मेरठ से लखनऊ तक चीख-पुकार-प्रदर्शन कर रहे हैं और Re-Exam की मांग कर रहे हैं. सरकार उन्हें अपमानित कर रही है, लाठियों से पिटवा रही है. कौन कराता है ये पेपर लीक? कैसे होता है ये पेपर लीक? चांद-मंगल पर जाने वाला हमारा देश एक फुलप्रूफ परीक्षा नहीं करा सकता? जहां एक युवा की मेहनत चोरी न हो, उसके भविष्य पर डाका न पड़े!!”

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By Sandeep kumar

Sandeep kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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