हजारीबाग के कपका बाजार में जयराम महतो की सभा, कहा- झारखंडी हक अधिकारों की लड़ाई में साथ दें

यह आंदोलन तब तक नहीं रुकेगा, जब तक सरकार विधेयक को झारखंडी भावनाओं के अनुरूप नहीं बनाती है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कोई ठोस नीति नहीं बन रही है, जिसका खामियाजा यहां की जनता को भुगतना पड़ रहा है.

बरकट्ठा (हजारीबाग), रेयाज खान : हजारीबाग जिला अंतर्गत बरकट्ठा प्रखंड क्षेत्र के ग्राम कपका बाजारटांड मैदान में झारखंडी भाषा खतियान संघर्ष समिति की ओर से आयोजित बदलाव संकल्प महासभा में युवाओं की भारी भीड़ उमड़ी. हजारीबाग जिला संघर्ष समिति के तत्वाधान में 60/40 नाय चलतो के समर्थन में संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष टाइगर जयराम महतो ने युवाओं में जोश भरा. कहा कि युवा शक्ति राष्ट्र की शक्ति होती है. जिस दिन वह चाह ले, उसे दिन सत्ता पलट सकती है. उन्होंने कहा कि झारखंड के हक और अधिकारों की लड़ाई में हमारा साथ दें. झारखंड में स्थानीय नियोजन, पुनर्वास, ओबीसी आरक्षण एक गंभीर मसला है. राज्य सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करके सही नीति बनानी चाहिए. यह आंदोलन तब तक नहीं रुकेगा, जब तक सरकार विधेयक को झारखंडी भावनाओं के अनुरूप नहीं बनाती है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कोई ठोस नीति नहीं बन रही है, जिसका खामियाजा यहां की जनता को भुगतना पड़ रहा है.

झारखंड में बन रही बिजली, लोग अंधेरे में

जयराम महतो ने कहा कि वर्ष 2024 में यहां की जनता वोट के जरिए इस सरकार को जवाब देगी. केटीपीएस से बिजली उत्पादन के बावजूद कोडरमा को बेहतर बिजली नहीं मिल पा रही है. यहां पर बिजली का उत्पादन हो रहा है और दूसरे राज्यों में उसकी सप्लाई की जा रही है. अन्य राज्यों में बिजली की स्थिति दुरुस्त है, हमारे झारखंड में बिजली का संकट है. उन्होंने कहा कि तिलैया डैम से पूरे जिले के लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है. युवा नेता ने शिक्षा, स्वास्थ्य समेत अन्य मुद्दों पर भी अपनी राय रखी.

23 सालों में लूटखंड में तब्दील हुआ झारखंड

केंद्रीय समिति के सदस्य संजय मेहता ने कहा कि झारखंड 23 सालों में लूटखंड में तब्दील हो गया है. केंद्रीय सदस्य क्रांतिकारी महेंद्र प्रसाद ने कहा कि मैं जयराम महतो का एक सिपाही हूं. मैं टिकट की चिंता नहीं करता, लेकिन जयराम दा की विचारधारा को पूरे बरकट्ठा विधानसभा क्षेत्र में जन-जन तक पहुंचा के रहूंगा. टाइगर की विचारधारा सही है. मायं माटी का बात है.

Also Read: झारखंड:बदलाव संकल्प सभा में गरजे टाइगर जयराम महतो, बोले-हक व अधिकार के लिए जगें युवा, पीढ़ियां नहीं करेंगी माफ

झारखंड की जमीन के नीचे 50 फीसदी खनिज

सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय समिति के लखन महतो ने कहा कि झारखंडियों की जमीन के नीचे 50 फीसदी खनिज है. इसके बावजूद झारखंड वासी देश के विभिन्न राज्यों में मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए मजबूर हैं. यह राज्य सरकार के लिए भी शर्म की बात है. संकल्प महासभा की अध्यक्षता कृष्णा यादव ने की. संचालन विनोद पासवान ने किया. कार्यक्रम में कपका समेत पूरे प्रखंड क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग टाइगर जयराम महतो को देखने-सुनने पहुंचे थे.

Also Read: झारखंड : छात्र नेता से राजनेता बने जयराम महतो, बनायी नयी पार्टी, लोकसभा व विधानसभा चुनाव में ठोकेंगे ताल

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >