कोलकाता : अभी हाल ही में तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए मेदिनीपुर के कद्दावर नेता एवं बंगाल के पूर्व मंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को कहा कि वह पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा को सत्ता में लाने के लिए उसके अनुशासित सिपाही की तरह काम करेंगे.
श्री अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस से भाजपा में शामिल होने वाले नेताओं के स्वागत समारोह में कहा कि भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है और देश सेवा के लिए समर्पित है. वहीं, तृणमूल कांग्रेस में कोई अनुशासन नहीं है. उन्होंने कहा, ‘हम मिलकर काम करेंगे, ताकि राज्य में भाजपा सत्ता में आये और पश्चिम बंगाल ‘सोनार बांग्ला’ में बदल जाये. पश्चिम बंगाल को सक्षम नेता नरेंद्र मोदी के हाथों में सौंपना होगा.’
शुभेंदु अधिकारी ने कहा, ‘जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की वजह से हम आज के पश्चिम बंगाल में रह पा रहे हैं, जिन्होंने विभाजन के दौरान बंगाल के पाकिस्तान में जाने का विरोध किया था.’ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का जिक्र करते हुए श्री अधिकारी ने कहा कि अनेक राज्यों ने किसानों को लाभ दिलाने के लिए इस योजना का फायदा उठाया है, लेकिन पश्चिम बंगाल सरकार ने इससे इनकार कर दिया और किसानों को इसके लाभों से वंचित कर दिया.
उन्होंने कहा, ‘अब जरूरी है कि देश में शासन कर रही पार्टी ही यहां भी सत्ता में आये.’ भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, ‘दीदी (ममता बनर्जी) कह रही हैं कि भाजपा बाहरी पार्टी है. बंगाल पाकिस्तान में जा रहा था. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने इसके खिलाफ आवाज उठायी थी और उनकी वजह से आज का पश्चिम बंगाल है.’
श्री विजयवर्गीय ने कहा कि ममता बनर्जी तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी बाहरी मानती हैं. विजयवर्गीय ने कहा कि दुनिया मोदी के नेतृत्व को मानती है, लेकिन बनर्जी नहीं मानतीं. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी जहां सफेद साड़ी और चप्पल पहनती हैं, वहीं उनके भतीजे (अभिषेक बनर्जी) 25 लाख रुपये का चश्मा पहनते हैं और सात करोड़ रुपये के आवास में रहते हैं, जिसमें लिफ्ट भी है.
भाजपा महासचिव ने कहा, ‘ये तृणमूल कांग्रेस के नेता कह रहे हैं.’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘मवेशियों की तस्करी के पीछे कौन है? इन सबके पीछे उनके भतीजे हैं.’ विजयवर्गीय ने कहा, ‘तृणमूल कांग्रेस राज्य में तानाशाही चला रही है. भाजपा में लोकतंत्र है.’ यही वजह है कि सभी दलों के लोग भाजपा में शामिल हो रहे हैं और तृणमूल को लोग छोड़ रहे हैं.
Posted By : Mithilesh Jha
