SSC Recruitment Case कलकत्ता उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने सीबीआई जांच पर एकल पीठ के आदेश पर सोमवार तक रोक लगा दी है. सीबीआई अब यानि 4 अप्रैल तक एफआईआर दर्ज नहीं कर सकती है. बता दें कि 2016 में पश्चिम बंगाल सरकार ने विभिन्न सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में लगभग 13,000 गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्ति की सिफारिश की थी और तदनुसार डब्ल्यूबीएसएससी (WBSSC) ने समय-समय पर परीक्षाएं और साक्षात्कार आयोजित किए थे तथा उसके बाद एक पैनल का गठन किया गया था.
पैनल की समाप्ति के बाद भी आयोग ने की थीं अनियमित भर्तियां
पैनल का कार्यकाल 2019 में समाप्त हो गया था. हालांकि, बाद में व्यापक आरोप थे कि आयोग ने पैनल की समाप्ति के बाद भी लगभग 500 के करीब कई अनियमित भर्तियां की थीं. इसी को लेकर मुद्दा बना हुआ है. इससे पहले स्कूल सेवा आयोग (SSC) नियुक्ति घोटाले से जुड़े विभिन्न मामलों की सीबीआई (CBI) जांच के अपने फैसलों पर रोक लगाने पर साथी जजों पर उंगली उठाने वाले कलकत्ता हाई कोर्ट के न्यायाधीश अभिजीत गंगोपाध्याय ने अब उन्हीं में से एक मामले में सीबीआई को एसएससी के पूर्व सलाहकार शांति प्रसाद सिन्हा से पूछताछ करने का निर्देश दिया था. न्यायाधीश गंगोपाध्याय की एकल पीठ ने यह भी कहा कि शांति प्रसाद सिन्हा को फिलहाल गिरफ्तार नहीं किया जा सकेगा. एकल पीठ ने गौर किया कि अदालत में एसएससी नियुक्ति घोटाले से जुड़े जो मामले आ रहे हैं, उनमें से अधिकांश में शांति प्रसाद सिन्हा की सलाह पर ही काम हुआ.
ग्रुप डी भर्ती मामले में लगे थे भ्रष्टाचार के आरोप
उल्लेखनीय है कि कि पिछले कुछ महीनों में न्यायाधीश गंगोपाध्याय की एकल पीठ ने एसएससी नियुक्ति घोटाले से जुड़े चार मामलों में सीबीआइ जांच का फैसला सुनाया था. राज्य सरकार की तरफ से उन सभी फैसलों को खंडपीठ में चुनौती दी गई थी, जहां इनपर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई. बता दें कि इससे पहले ग्रुप डी भर्ती मामले में भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे. कलकत्ता हाई कोर्ट के न्यायाधीश ने फिर से सीबीआई को मामले की जांच करने का निर्देश दिया हैं. हालांकि, पहले के आदेश को डिवीजन बेंच ने खारिज कर दिया था. गुरुवार को न्यायाधीश ने कहा कि सीबीआई स्कूल सेवा आयोग की सभी अवैध नियुक्तियों की जांच करेगी.
