Jharkhand News: आजादी के सात दशक बाद भी झारखंड के एक गांव में आखिर क्यों नहीं बन पायी सड़क

Jharkhand News: बोरासाई टोला में सालभर खेतों में खेती होने के कारण लोगों को खेतों की पगडंडियों के सहारे आवागमन करना पड़ता है. बारिश के दिनों में गांव टापू बन जाता है. खरसावां विधायक दशरथ गागरई ने ग्रामीणों के साथ बैठक की और सड़क निर्माण का आश्वासन दिया.

Jharkhand News: झारखंड के सरायकेला खरसावां जिले के खरसावां प्रखंड की तेलाइडीह पंचायत अंतर्गत बोरासाई टोला में आजादी के सात दशक बाद भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है. गांव में करीब 70 परिवार निवास करते हैं, परंतु अब तक गांव में जाने के लिए सड़क नहीं बन पायी है. इससे ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानी होती है. बोरासाई गांव के चारों ओर खेत हैं. सालभर खेतों में खेती होने के कारण लोगों को खेतों की पगडंडियों के सहारे आवागमन करना पड़ता है. बारिश के दिनों में गांव टापू बन जाता है. खरसावां विधायक दशरथ गागरई ने ग्रामीणों के साथ बैठक की और सड़क निर्माण का आश्वासन दिया.

इस गांव से मरीजों को अस्पताल ले जाने में भी दिक्कत होती है. इसको लेकर ग्रामीणों में काफी नाराजगी देखी जा रही है. दरअसल बोरासाई- जेनासाई व बोरासाई – तेलाईडीह गांव के बीच में रैयती जमीन होने के कारण अब तक सड़क नहीं बन पायी है. बारिश के दिनों में चार पहिया वाहन तो दूर दो पहिया वाहन भी इस गांव में नहीं पहुंच पाता है. धानकटनी के बाद ही खेतों से आवागमन होता है. गांव के पास बह रहे नाला में पुल नहीं बन सकने के कारण ग्रामीण लकड़ी का पुल बनाकर आवागमन करते हैं. विधायक ने यहां भी पुलिया बनवाने का भरोसा दिया.

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ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार लिखित सूचना देने के बावजूद सड़क नहीं बन सकी है. ग्रामीणों की समस्या के समाधान के लिए खरसावां विधायक दशरथ गागराई खेतों की पगडंडियों से चलकर बोरासाई टोला पहुंचे तथा ग्रामीणों के साथ बैठक की. विधायक दशरथ गागराई ने रैयतों से सड़क के लिये जमीन दान करने की अपील की. इतनी ही नहीं, प्रशासनिक अधिकारियों से भी बातचीत की. विधायक ने कहा कि रैयतों से बातचीत कर बीच का रास्ता निकाला जायेगा, ताकि बोरासाही टोला तक जाने के लिये सड़क का निर्माण किया जा सके.

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रिपोर्ट: शचिंद्र कुमार दाश

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