Hemant Soren, रांची : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने राज्य के विकास, सामाजिक सुरक्षा और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से अपनी बात रखीं. उन्होंने कहा कि यह सत्र केवल चर्चा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि झारखंड के भविष्य की दिशा तय करने वाला साबित हुआ.
किन किन क्षेत्रों में दी गयी है प्राथमिकता सीएम हेमंत ने बताया
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि पिछले छह वर्षों में सरकार ने कई चुनौतियों के बावजूद सामाजिक न्याय, लोकतांत्रिक मूल्यों और विकास को प्राथमिकता दी है. उन्होंने बताया कि राज्य का बजट 86 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 1.58 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जो सरकार की नीतियों और बेहतर प्रबंधन को दर्शाता है.
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महिला सशक्तिकरण पर भी सीएम ने की बात
सीएम ने अपने भाषण में महिला सशक्तिकरण पर भी बात करना नहीं भूले. उन्होंने कहा कि राज्य की लाखों महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जा रही है. साथ ही युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए कई योजनाएं लागू की गयी हैं. मुख्यमंत्री ने स्कूल ऑफ एक्सीलेंस जैसे प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि अब गरीब परिवारों के बच्चे भी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में सफलता हासिल कर रहे हैं.
इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में तेजी से काम कर रही सरकार : हेमंत सोरेन
हेमंत सोरेन ने बताया कि सरकार निवेश, उद्योग, स्किल डेवलपमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में तेजी से काम कर रही है, ताकि राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ सकें. उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूरों और कमजोर वर्गों के हितों की रक्षा के लिए भी कई पहल की जा रही हैं. अंत में मुख्यमंत्री ने अपने विजन के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा कि अगले 25 वर्षों में झारखंड को एक विकसित राज्य बनाने हमने अपना लक्ष्य बना लिया है, जिस पर हम काम कर रहे हैं. उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार समावेशी विकास के साथ राज्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी.
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