जेजेएमपी के एरिया कमांडर टुनेश उरांव दस्ते से अकेले भिड़ गए रंका थाना प्रभारी शंकर प्रसाद कुशवाहा

ग्रामीणों को उग्रवादियों के साथ पुलिस की मुठभेड़ की सूचना मिलने के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है. गढ़वा के एसपी दीपक कुमार पांडेय और डीएसपी संतोष कुमार रात में ही रंका के ढेंगुरा पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया.

रंका (गढ़वा), नंद कुमार : झारखंड जन मुक्ति परिषद (जेजेएमपी) के दस्ते के साथ रंका के थाना प्रभारी अकेले भिड़ गए. खबर है कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि जेजेएमपी के उग्रवादी गढ़वा जिले के रंका प्रखंड अंतर्गत ढेंगुरा जंगल में जेजेएमपी उग्रवादी सक्रिय हैं. ये लोग सड़क निर्माण कार्य में बाधा डालने के लिए वहां पहुंचने वाले हैं. इसी सूचना पर पुलिस ने उग्रवादियों को धर दबोचने के लिए एक अभियान चलाया. पुलिस को देखकर उग्रवादियों ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी. इसके बाद दोनों ओर से मुठभेड़ हो गई. दोनों ओर से जबर्दस्त गोलीबारी हुई. खबर है कि इस दौरान पुलिस के कुछ जवान पीछे रह गए, लेकिन रंका के थाना प्रभारी शंकर प्रसाद कुशवाहा अकेले उग्रवादियों से भिड़ गए. उन्होंने उग्रवादियों को आगे नहीं बढ़ने दिया और लगातार फायरिंग करते रहे. इसी दौरान उन्हें गोली भी लग गई है. घायल अवस्था में थाना प्रभारी को तत्काल रांची भेज दिया गया. रांची में उन्हें मेडिका अस्पताल में भर्ती कराया गया. रविवार देर रात करीब 11:30 बजे शुरू हुई मुठभेड़ सुबह तक जारी रही. ग्रामीणों को उग्रवादियों के साथ पुलिस की मुठभेड़ की सूचना मिलने के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है. गढ़वा के एसपी दीपक कुमार पांडेय और डीएसपी संतोष कुमार रात में ही रंका के ढेंगुरा पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. मुठभेड़ खत्म होने के बाद पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है.

https://www.youtube.com/watch?v=nb8D2UdXTJI

ढेंगुरा टोला जंगल में हुई मुठभेड़

कुदरुम गांव के ढेंगुरा टोला से करीब 300 मीटर की दूरी पर स्थित जंगल में उग्रवादियों के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई, जिसमें दोनों ओर से भारी गोलीबारी हुई. जंगल में मौजूद चट्टानों पर गोलियों को निशान बता रहे हैं कि दोनों ओर से जमकर गोलियां चलीं हैं. सिर्फ एक चट्टान पर सात-आठ गोलियों के निशान मिले हैं. वहीं, जमीन पर खून के धब्बे भी देखे गए हैं, जिससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि कम से कम दो उग्रवादी घायल हुए हैं. संभवत: घायल उग्रवादियों को उनके साथ अपने साथ ले गए. इस बीच, खबर है कि एक उग्रवादी को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है. उससे पूछताछ की जा रही है. गढ़वा पुलिस ने अब तक इस संबंध में विस्तृत जानकारी नहीं दी है.

Also Read: गढ़वा के रंका में जेजेएमपी-पुलिस मुठभेड़, दो उग्रवादियों को लगी गोली, रंका के थाना प्रभारी मेडिका में भर्ती

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >