पतरातू से अजय कुमार की रिपोर्ट
Ramgarh News, रामगढ़ : रामगढ़ के उपायुक्त (DC) ऋतुराज ने बुधवार को पतरातू प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों का सघन दौरा कर विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत जानी. इस दौरान उपायुक्त ने कोतो पंचायत स्थित आदिम जनजाति बिरहोर बस्ती का रुख किया और सीधे ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं. इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्र में चल रही सरकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कड़े लहजे में जनसमस्याओं के त्वरित निष्पादन का निर्देश दिया.
बिरहोर बस्ती में बुनियादी सुविधाओं का जायजा
बिरहोर बस्ती में निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ऋतुराज ने आदिम जनजाति परिवारों के आवास, शुद्ध पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, बच्चों की शिक्षा तथा जन वितरण प्रणाली (राशन) की व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया. उन्होंने खुद बिरहोर परिवारों से संवाद कर पूछा कि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नियमित मिल रहा है या नहीं. कुछ ग्रामीणों ने स्थानीय स्तर पर आ रही दिक्कतों को डीसी के समक्ष रखा, जिस पर उन्होंने मौके पर मौजूद कल्याण विभाग और प्रखंड के अधिकारियों को तुरंत एक्शन लेने को कहा. उपायुक्त ने जोर देकर कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास की किरण पहुंचाना है. बिरहोर समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में विशेष पहल की जाएगी. कोई भी पात्र व्यक्ति सामाजिक सुरक्षा पेंशन और राशन से वंचित नहीं रहना चाहिए.” इससे पूर्व, बिरहोर बस्ती पहुंचने पर मुखिया प्रतिनिधि जय प्रकाश सिंह ननकी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने उपायुक्त का पारंपरिक स्वागत किया और पंचायत की विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया.
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15 दिनों के भीतर काम पूरा करने की डेडलाइन
बिरहोर बस्ती के बाद उपायुक्त सीधे ‘टोकीसूद जलापूर्ति योजना’ के निर्माण स्थल पर पहुंचे. वहां उन्होंने चल रहे कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता की गहन समीक्षा की. डीसी ने पाइपलाइन विस्तार, जल भंडारण (Water Storage) और रेट्रोफिटिंग से जुड़े कार्यों का स्टेटस जाना. कार्य में हो रही देरी पर असंतोष व्यक्त करते हुए उपायुक्त ने संबंधित निर्माण एजेंसी को कड़ा अल्टीमेटम दिया कि आगामी 15 दिनों के भीतर सभी लंबित कार्यों को हर हाल में पूरा करें. उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसमें किसी भी स्तर पर बरती गई लापरवाही या लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
डाड़ीडीह स्कूल में डीसी की ‘क्लास’, बच्चों से पूछे सवाल
अपने दौरे के अंतिम चरण में उपायुक्त ने उत्क्रमित उच्च विद्यालय डाड़ीडीह का औचक निरीक्षण किया. स्कूल पहुंचते ही उन्होंने सबसे पहले शैक्षणिक व्यवस्था, मिड-डे मील (MDM) की गुणवत्ता, पेयजल, शौचालय और कैंपस की साफ-सफाई की स्थिति का मुआयना किया. इसके बाद डीसी सीधे कक्षाओं में दाखिल हुए और छात्रों के बीच बैठकर उनसे पढ़ाई से जुड़े कई सवाल पूछे. बच्चों के जवाब से संतुष्ट होने के साथ ही उन्होंने शिक्षकों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने स्कूल के हाजिरी रजिस्टर (उपस्थिति पंजी) की भी जांच की और सभी शिक्षकों को समय पर विद्यालय आने की सख्त हिदायत दी.
निरीक्षण के दौरान कौन कौन रहे मौजूद
इस पूरे निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान उप विकास आयुक्त (DDC) आशीष अग्रवाल, बीडीओ मनोज कुमार गुप्ता, अंचल अधिकारी (CO) मनोज चौरसिया, कल्याण विभाग की किरण कुमारी, पालू पंचायत की मुखिया पानो देवी सहित कई जिला व प्रखंड स्तरीय अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.
