लॉकडाउन के बीच राम मंदिर जश्न को लेकर पश्चिम बंगाल में झड़प, 3400 लोग गिरफ्तार

अयोध्या में राम मंदिर की आधारशिला रखे जाने की खुशी में पश्चिम बंगाल में पूर्ण लॉकडाउन के बीच राम भक्तों ने उत्सव मनाया. इसे लेकर लॉकडाउन का पालन कराने में जुटी पुलिस और उनके बीच राज्य में कई जगहों पर झड़पें हो गईं. पुलिस के मुताबिक, लॉकडाउन उल्लंघन के चलते राज्य के अलग-अलग हिस्सों से कुल 3,400 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें से 850 लोग शहर से ही गिरफ्तार किए गए. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पश्चिमी मिदनापुर जिले के खड़गपुर, उत्तरी 24 परगना के नारायणपुर और उत्तरी बंगाल के अलीपुरद्वार समेत कुछ जगहों से झड़प की सूचना है.

कोलकाता: अयोध्या में राम मंदिर की आधारशिला रखे जाने की खुशी में पश्चिम बंगाल में पूर्ण लॉकडाउन के बीच राम भक्तों ने उत्सव मनाया. इसे लेकर लॉकडाउन का पालन कराने में जुटी पुलिस और उनके बीच राज्य में कई जगहों पर झड़पें हो गईं. पुलिस के मुताबिक, लॉकडाउन उल्लंघन के चलते राज्य के अलग-अलग हिस्सों से कुल 3,400 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें से 850 लोग शहर से ही गिरफ्तार किए गए. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पश्चिमी मिदनापुर जिले के खड़गपुर, उत्तरी 24 परगना के नारायणपुर और उत्तरी बंगाल के अलीपुरद्वार समेत कुछ जगहों से झड़प की सूचना है.

उन्होंने बताया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने खड़गपुर में जुलूस निकाला, जिसे पुलिस ने रोक दिया। इसके बाद झड़प हो गई. अधिकारी ने कहा, ”मार्च को आगे बढ़ने से रोके जाने पर पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई. भाजपा के कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया.” उन्होंने कहा कि घटना में कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए. अलीपुरद्वार कस्बे में भाजपा कार्यकर्ताओं को पूर्ण लॉकडाउन के चलते भूमि पूजन पर उत्सव आयोजित करने से रोका गया, जिससे तनाव बढ़ गया. भाजपा कार्यकर्ता ने नारायणपुर इलाके में ‘यज्ञ’ आयोजित करने का प्रयास किया, लेकिन कुछ स्थानीय लोगों ने उन्हें रोक दिया. पुलिस ने कहा कि उसने भीड़ को तितर-बितर करने के लिये ”बल” प्रयोग किया.

तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेता तापस चटर्जी ने कहा, ”भाजपा इलाके में शांति भंग करने की कोशिश कर रही थी, लेकिन स्थानीय लोगों ने उन्हें रोक दिया.” भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष ने अपने न्यू टाउन आवास पर भूमि पूजन उत्सव का आयोजन किया. उन्होंने कहा कि पुलिस की बर्बरता राज्य सरकार की ”हिंदू-विरोधी मानसिकता” को दर्शाती है. घोष ने कहा, ”हम बीते कई दिन से पूर्ण लॉकडाउन की तारीख बदलने का अनुरोध कर रहे थे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया. जब भगवान राम के भक्त सादगी से इस दिन का उत्सव मना रहे थे तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया. तृणमूल सरकार ने जानबूझकर राज्य में हिंदुओं की भावनाओं का अपमान किया है.”

तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तथा सांसद सौगत रॉय ने पटलवार करते हुए इन आरोपों को आधारहीन बताया. उन्होंने कहा, ”उत्सव में कोई अवरोध उत्पन्न नहीं किया गया, लेकिन कोविड-19 के चलते राज्य में लॉकडाउन लागू है और हम सभी को इसका सम्मान और पालन करना चाहिये.” कोलकाता में विश्व हिंदू परिषद और भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी राम मंदिर का निर्माण शुरू होने का उत्सव मनाया. बागबाजार और बुड़ाबाजार जैसे इलाकों में अनुष्ठान किये गए. पश्चिम बंगाल सरकार की सोमवार को जारी अधिसूचना के मुताबिक, राज्य में पांच, आठ, 20, 21, 27, 28 और 31 अगस्त को पूर्ण लॉकडाउन लागू रहेगा.

Posted By: Pawan Singh

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