राज्यसभा चुनाव : तृणमूल ने तय किये प्रत्याशी, ये होंगे तृणमूल उम्मीदवार

मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल से राज्यसभा की रिक्त पांच सीटों के लिये इस महीने होने वाले चुनाव के लिये अर्पिता घोष, मौसम नूर, दिनेश त्रिवेदी और सुब्रत बख्शी को उम्मीदवार बनाने की रविवार को घोषणा की.

कोलकाता : मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल से राज्यसभा की रिक्त पांच सीटों के लिये इस महीने होने वाले चुनाव के लिये अर्पिता घोष, मौसम नूर, दिनेश त्रिवेदी और सुब्रत बख्शी को उम्मीदवार बनाने की रविवार को घोषणा की. सुुश्री बनर्जी ने ट्वीट किया कि उन्हें इस बात का गर्व है कि महिला सशक्तीकरण के उनके निरंतर प्रयासों के तहत नामित किये गये तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवारों में आधी महिलाएं हैं. गौरतलब है कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर इस फैसले का एलान किया है. मौसम नूर को पिछले साल हुए लोकसभा चुनाव में मालदा उत्तर सीट से हार का सामना करना पड़ा था. वहीं, अर्पिता घोष बालुरघाट और त्रिवेदी बैरकपुर सीट से चुनाव हार गये थे.

बख्शी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में कोलकाता दक्षिण से जीत हासिल की थी, हालांकि उन्होंने 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा था. राज्य में राज्यसभा की पांच सीटों के लिये 26 मार्च को चुनाव होना है. पांचवीं सीट पर राज्य में माकपा-कांग्रेस गठबंधन की कड़ी परीक्षा होगी. विधानसभा में विभिन्न दलों के संख्या बल के अनुसार तृणमूल कांग्रेस को उच्च सदन में चार सीटें मिलेंगी जबकि पांचवीं सीट माकपा-कांग्रेस या तृणमूल कांग्रेस-कांग्रेस के संयुक्त उम्मीदवार को जीत मिलेगी.

अगले दो जून को राज्य से राज्यसभा के पांच सदस्यों का कार्यकाल खत्म होने जा रहा है. इसमें तृणमूल कांग्रेस के योगेन चौधुरी, केडी सिंह, अहमद हसन इमरान और मनीष गुप्त शामिल हैं.जबकि माकपा से बहिष्कृत ऋतब्रत बनर्जी का कार्यकाल खत्म हो रहा है. ऋतब्रत इन दिनों तृणमूल कांग्रेस से निकट बताये जा रहे हैं. उल्लेखनीय है कि माकपा और कांग्रेस अगर संयुक्त रूप से चुनाव लड़ते हैं तो एक सीट पर उनके उम्मीदवार की जीत पक्की है. अभी तक कांग्रेस या माकपा की ओर से उम्मीदवार तय नहीं है.

बताया जा रहा है कि माकपा महासचिव सीताराम येचुरी इस मामले में कांग्रेस आलाकमान से बात करने वाले हैं. हालांकि माकपा के सूत्र बताते हैं कि येचुरी के नाम पर अभी संशय बना हुआ है. दूसरी तरफ प्रदेश कांग्रेस की ओर से आलाकमान के पास कोई नाम नहीं दिया गया है. इससे पहले कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों प्रदीप भट्टाचार्य और अभिषेक मनु सिंघवी के निर्वाचन के लिए टीएमसी का समर्थन लिया था.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Pritish Sahay

Published by: Prabhat Khabar

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >