Flood 2021: बिहार के लिए आफत बनी नेपाल में हो रही मूसलाधार बारिश, गंडक बराज के सभी गेट खोले गए, नदी में तेज उफान

भारतीय और नेपाली जल अधिग्रहण क्षेत्रों में बीते दो दिनों से हो रहे लगातार बारिश के कारण गंडक बराज के जलस्तर में काफी वृद्धि दर्ज की जा रही है. बुधवार सुबह 11:00 बजे तक गंडक बराज से 408000 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा चुका है. गंडक बराज के सभी फाटकों को सुरक्षा के दृष्टिकोण से खोल दिया गया है.

भारतीय और नेपाली जल अधिग्रहण क्षेत्रों में बीते दो दिनों से हो रहे लगातार बारिश के कारण गंडक बराज के जलस्तर में काफी वृद्धि दर्ज की जा रही है. बुधवार सुबह 11:00 बजे तक गंडक बराज से 408000 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा चुका है. गंडक बराज के सभी फाटकों को सुरक्षा के दृष्टिकोण से खोल दिया गया है.

सिंचाई विभाग के द्वारा सभी कर्मियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. बताते चलें कि भारतीय और नेपाली क्षेत्र में हो रहे लगातार मूसलाधार बारिश के कारण गंडक बराज के जलस्तर में तेजी से वृद्धि दर्ज की जा रही है. सीएम नीतीश कुमार ने गोपालगंज, पूर्वी व पश्चिम चंपारण जिले को पूरी तरह अलर्ट किया है. मंगलवार को सीएम ने उच्च स्तरीय बैठक भी की है.

वाल्मीकि नगर गंडक बराज में सोमवार से ही पानी के डिस्चार्ज में वृद्धि दर्ज की जा रही है. जिस कारण तटवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में चकदहवा, झंडू टोला ,बीन टोला, कनहीं टोला के अलावा समीपवर्ती उत्तर प्रदेश के बसई, शिवपुर, मरचहवा आदि गांव में मंगलवार को गंडक बराज से छूटे पानी के प्रकोप से तांडव मचने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.

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सोमवार की सुबह से गंडक का जलस्तर बढ़ने लगा था. वाल्मीकि नगर थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर रमपुरवा पंचायत अंतर्गत एसएसबी बी कंपनी 21 वी वाहिनी के बीओपी झंडू टोला में तैनात कंपनी कमांडर बोबो सिंह ने बताया कि अगर गंडक बराज के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी रही तो झंडू टोला एसएसबी कैंप में पानी प्रवेश करने की संभावना बढ़ जाएगी. पिछले वर्ष भी गंडक का पानी कैंप में लगभग पांच फीट बह रहा था जिससे आसपास के गांव के ग्रामीणों को काफी दुश्वारियां का सामना करना पड़ा था.

लगातार हो रही वर्षा के कारण वन क्षेत्र से समीप होने से वन क्षेत्र के समीप के रिहायशी इलाकों में कीड़ों मकोड़ों के प्रवेश की संभावना भी काफी बढ़ गई है. गंडक बराज के अधिकारियों की माने तो नेपाली क्षेत्र में हो रहे लगातार वर्षा के कारण नारायण घाट से छूटे पानी की गंडक नदी के रास्ते आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है.वहीं कई गांव अब डूबने के कगार पर भी आ चुके हैं.

POSTED BY: Thakur Shaktilochan

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