संन्यास की अटकलों पर स्टार गोलकीपर पी श्रीजेश ने दिया बड़ा बयान, जानिए क्या कहा

भारत के अनुभवी हॉकी गोलकीपर पीआर श्रीजेश एक बार में एक ही टूर्नामेंट पर ध्यान लगा रहे हैं और जहां तक उनके भविष्य का संबंध हैं तो उनका कहना है कि वह देखेंगे कि सितंबर-अक्टूबर में चीन में एशियाई खेलों के बाद चीजें किस तरह से आगे बढ़ती हैं.

भारत के अनुभवी हॉकी गोलकीपर पीआर श्रीजेश एक बार में एक ही टूर्नामेंट पर ध्यान लगा रहे हैं और जहां तक उनके भविष्य का संबंध हैं तो उनका कहना है कि वह देखेंगे कि सितंबर-अक्टूबर में चीन में एशियाई खेलों के बाद चीजें किस तरह से आगे बढ़ती हैं. भारत के लिए 2006 में पदार्पण करने वाले महान गोलकीपर श्रीजेश (35 वर्ष) अब 300 अंतरराष्ट्रीय मैचों के करीब हैं. वह इस समय भारत के लिए कृष्ण बहादुर पाठक के साथ मिलकर यहां चल रही एशियाई चैम्पियंस ट्राफी (एसीटी) में गोलकीपिंग की जिम्मेदारी निभा रहे हैं.

अगले दो साल के बारे में मत पूछो

एसीटी के एक और चरण में खेलने की संभावना के बारे में सवाल पूछे जाने पर श्रीजेश ने पीटीआई से कहा, ‘इस उम्र में बेहतर यही होगा कि आप मुझसे अगले दो साल के बारे में नहीं पूछो. अब यह हमेशा अगले साल की बात होगी. मैं एशियाई खेलों में खेलूंगा और इसके बाद ही देखूंगा कि चीजें किस तरह आगे बढ़ती हैं. मैं एक बार में सिर्फ एक ही टूर्नामेंट के बारे में सोच रहा हूं.’ एसीटी दो साल में खेला जाने वाला टूर्नामेंट है लेकिन अभी अगले चरण के स्थल और तारीख की घोषणा नहीं हुई है. भारत ने बुधवार को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 4-0 से शिकस्त दी, इसके बाद श्रीजेश ने कहा, ‘जैसा कि नोवाक जोकोविच नें कहा है, ‘35 साल नया 25 साल है’. इसलिये मैं निश्चित रूप से इसमें ही हूं.’

पाकिस्तान पर जीत के बाद गदगद हुए हॉकी कोच

भारत के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने एशियाई चैम्पिंयस ट्राफी हॉकी मैच में अपनी टीम के प्रदर्शन की प्रशंसा की और उम्मीद जतायी कि जापान के खिलाफ सेमीफाइनल में भी उनके खिलाड़ी इसी तरह की लय जारी रखेंगे. भारत ने बुधवार को अपने अंतिम राउंड लीग मैच में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 4-0 से शिकस्त देकर उसे टूर्नामेंट से बाहर कर दिया. भारत को अभी तक किसी भी मैच में हार नहीं मिली है, टीम चार जीत और एक ड्रा से लीग तालिका में शीर्ष पर है और अब शुक्रवार को सेमीफाइनल में जापान से भिड़ेगी. फुल्टन ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘हमने बहुत अच्छी तरह से संयोजित खेल दिखाया. हमने चौथे क्वार्टर में कुछ मौके जरूर गंवाये लेकिन हमने कुल मिलाकर अच्छा किया.’

प्रत्येक क्वार्टर में हमने निरंतरता दिखाई

उन्होंने कहा, ‘प्रत्येक क्वार्टर में हमने अच्छी निरतंरता दिखायी जो हमने जापान के खिलाफ मैच के दौरान (चार अगस्त को 1-1 से ड्रा रहे मैच में) भी दिखायी थी.’ जापान बेहतर गोल अंतर के कारण पाकिस्तान से आगे रहकर सेमीफाइनल में पहुंच चुका है, हालांकि दोनों टीमों के पांच-पांच अंक हैं. जापान का गोल अंतर माइनस दो और पाकिस्तान का माइनस पांच था. बल्कि तीसरे स्थान पर रहने वाली कोरिया ने भी पांच अंक जुटाये थे लेकिन उसका गोल अंतर माइनस एक था.

फुल्टन ने जापान के खिलाफ सेमीफाइनल के बारे में कहा, ‘‘हमने जापान की तुलना में प्रत्येक क्वार्टर में सर्कल के अंदर काफी ज्यादा बार सेंध लगायी. इसलिये अब यह निरंतरता बरकरार रखने की बात होगी. ’पाकिस्तानी कोच मोहम्मद सकलेन ने बाद में शिकायत की कि भारत को पहला पेनल्टी कॉर्नर गलत तरीके से दिया गया जिससे मेजबान टीम ने कप्तान हरमनप्रीत की ड्रैग फ्लिक की बदौलत 1-0 से बढ़त बना ली.

सकलेन ने कहा, ‘हमने भारत के पहले पेनल्टी कॉर्नर के जरिये एक गोल गंवा दिया लेकिन यह हाथ से लगा था. दूसरे अंपायर ने सूचित किया कि यह पेनल्टी कॉर्नर नहीं था लेकिन दूसरे अंपायर ने इसे सुना ही नहीं. ’ उन्होंने कहा, ‘हमने इस प्रक्रिया में रेफरल गंवा दिया. इस स्तर पर इस तरह की गलती नहीं हो सकती, विशेषकर तब जब हम दुनिया की शीर्ष टीमों के खिलाफ खेल रहे हैं. इसलिये अंपायरिंग के स्तर में सुधार की जरूरत है, जो पूरे टूर्नामेंट के दौरान अनिरंतर रही है. ’ मैच में अंपायरिंग के फैसले के बारे में पूछने पर फुल्टन ने कहा, ‘वीडियो रेफरल इसलिये ही होते हैं. पाकिस्तान के जिस गोल को अनुमति नहीं दी गयी थी, वह शरीर से लगा था. लेकिन कुछ गोल ऐसे होते हैं जिसे अंपायर मना नहीं कर सकते.’

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